प्रदेश पत्रिका बुरहानपुर ग्राम चापोरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन निकाला गया। जिसमे चापोरा मंडल के तीन सौ से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सदाशिव सीताराम हानोते द्वारा की गयी। मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शाहपुर खंड के मान. संघचालक भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अभयजी विश्वकर्मा जिला प्रचारक थे। मुख्य वक्ता ने बताया कि संघ कार्य किसी के विरोध अथवा प्रतिक्रिया का परिणाम न होकर राष्ट्र के लिए जीने वाले लोग खड़े करना है। ऐसे लोगो से ही राष्ट्र सशक्त होगा। इस संगठीत शक्ति का समाज में प्रकटीकरण करने हेतु संघ में संचलन की परम्परा है।
मधुमक्खियों की एकता का उदाहरण देते हुए संगठीत शक्ति
का महत्व समझाया। जिस प्रकार मधुमक्खियों के छत्ते पर आघात करनेवालो की नियति मधुमक्खिया निश्चित करती है उसी प्रकार संगठीत हिंदू समाज ही सभी राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक समस्याओ की नियति निश्चित करने मे समर्थ है। साथ ही भारत को विश्वगुरु के पद पर पुनर्स्थापित करने हेतु हम जो परिवर्तन समाज मे चाहते है उनका अंगिकार हमें अपने व्यक्तिगत व्यवहार एवं आचरण में करना चाहिए। इसके लिए संघ द्वारा अपेक्षित पंच परिवर्तन जैसे कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली, समरसता एवं नागरिक अनुशासन की अवधारणा को स्पष्ट किया।
ग्राम में पहली बार निकला द्विधारा संचलन का दृश्य दर्शनीय था। माध्यमिक विद्यालय प्रांगण से प्रारम्भ होकर मार्ग मे दो भागो मे विभक्त होकर एक निश्चित समय पर निश्चित बिंदु पर एक साथ मिलना पुन: दो भागो मे विभक्त होकर विभिन्न मार्गो से होते हुए निश्चित समय पर निश्चित बिंदु पर पुन: मिलने का दृश्य अत्यंत रोमांचकारी था।
संचलन का दूसरा आकर्षण रहा घोष टोली का उत्साह। मात्र दो दिन के प्रशिक्षण से घोषवादको का निर्माण करना संघ प्रशिक्षण का अनुपम उदाहरण है।


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