सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

हादसों से बचने के लिए फैक्ट्रियों की नियमित जांच की मांग..…!

प्रदेश पत्रिका :-  बुरहानपुर शहर के उद्योग नगर स्थित बीटी कॉटन फैक्ट्री से उठी भयानक आग के मंजर को देखकर अब प्रशासनिक अधिकारियों को अपने ऐसी केबिनों से निकलकर नियमित रूप से जिले की समस्त फैक्ट्रियों के बॉयलर, अग्निशमन यंत्रों इत्यादि की जांच परख प्रारंभ कर देना चाहिए ऐसा कहना है मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे बुरहानपुर मज़दूर यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह का। 

ठाकुर ने आगे कहा जिले का प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है अनेकों बार कारखानों फैक्ट्रियों के उपकरणों, मज़दूरों के सुरक्षा उपकरणों इत्यादि की नियमित जांच संबंधी आवेदन देने के पश्चात भी आज तक किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई। 

प्रशासन पर सवालिया निशान लगाते हुए ठाकुर ने बताया भारतीय बॉयलर विनियमन 1950 या विशिष्ट उत्पादों के लिए केंद्रीय बॉयलर बोर्ड का अनुमोदित कोड द्वारा आवश्यक परीक्षण, एक्सपायरी डेट जांच, निर्माण पर्यवेक्षण और गुणवत्ता निरीक्षण नियमित रूप से होना चाहिए परंतु जिले की समस्त फैक्ट्रियों में नियम कायदों की अनदेखी कर मजदूरों की जान माल से खेला जा रहा है। क्या प्रशासन हर बार किसी हादसे अथवा अप्रिय घटना के इंतज़ार में बैठा रहता है? किसी भी फैक्ट्री को संचालित करने हेतु सरकारी नियम कायदे तो अनेक है परंतु उनका पालन हो रहा है या नहीं यह सबसे बड़ा सवाल है। 


कारखाना संचालक के कुछ नियम व तथ्य-

  • बॉयलर संबंधित फैक्ट्रियों में भारतीय बॉयलर विनियमन 1950 का पालन अनिवार्य होता है।
  • मशीनों, पाइपों का निरीक्षण, परीक्षण और प्रमाणन अनिवार्य है।
  • फिटिंग, वाल्व, इत्यादि की डिजाइन समीक्षा और अनुमोदन आवश्यक है।
  • सामग्रियों का निरीक्षण, परीक्षण और प्रमाणन अनिवार्य रूप से होना चाहिए। 
  • अग्निशमन यंत्रों का परीक्षण/एक्सपायरी डेट के परीक्षण की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की रहती है।


आवेदन देते समय भीम सेना अध्यक्ष सचिन गाढे, शुभम वारुडे, किरण वाणे, मोनू श्रीखंडे, संदीप यादव, आदि बुरहानपुर मज़दूर यूनियन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

             आप देख रहे हैं 👇


 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नेपा लिमिटेड में ज्ञानेश्वर खैरनार को संपदा अधिकारी नियुक्त किया गया.!

                प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) ज्ञानेश्वर खैरनार को लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम-1971 के अंतर्गत टाउनशिप प्रशासक नियुक्त किया गया हैं। वे उक्त अधिनियम की धारा 3 के तहत संपदा अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगें। ज्ञात हो कि, नेपा लिमिटेड में पिछले लगभग एक वर्ष से यह पद रिक्त था। इस नियुक्ति के साथ, ज्ञानेश्वर खैरनार लोक परिसर अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे और इसके अधीन अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेंगे। इस नियुक्ति पर सीएमडी राकेश कुमार चोखानी सहित पूरे नेपा लिमिटेड परिवार ने ज्ञानेश्वर खैरनार को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।      आप देख रहे हैं 👇

नगर में नगर पालिका अध्यक्ष पति विनोद पाटिल और पार्षद पति कैलाश पटेल में मनमुटाव की चर्चा।

 वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका से स्वच्छता मिशन के अंतर्गत हुई खरीदी का पूरा विवरण। वार्डक्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल प्रदेश पत्रिका:- नेपानगर, दिनांक 18 मार्च 2025 - नगर पालिका परिषद नेपानगर के वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका प्रशासन से वर्ष 2023 और 2024 में स्वच्छता मिशन के तहत खरीदे गए सभी उपकरणों का लिखित ब्यौरा देने की मांग की है। नगर पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान  के तहत हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन नगर में सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि पिछले दो वर्षों में स्वच्छता मिशन के तहत कितनी राशि खर्च हुई, किन-किन उपकरणों की खरीदी हुई, उनकी गुणवत्ता क्या है, वे वर्तमान में कहां उपयोग हो रहे हैं, और उनके रखरखाव की क्या व्यवस्था है। पार्षद सपना कैलाश पटेल  ने प्रशासन को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर यह जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर के नागरिकों को यह जानने का हक है कि स्वच्छता अभियान के लिए दिए गए सरकारी बजट का सही उपयोग हुआ ह...

8 फरवरी से राशन कार्ड धारकों को मिलेगा बड़ा फायदा! जानें नया नियम!

भारत सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जो 8 फरवरी 2025 से लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत प्रदान करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस नई पहल के तहत, राशन कार्ड धारकों को न केवल मुफ्त राशन मिलेगा, बल्कि उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह योजना देश के करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इस लेख में, हम आपको इस योजना के सभी पहलुओं की जानकारी देंगे, जैसे कि इसके लाभ, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, और आवेदन प्रक्रिया। साथ ही, हम यह भी समझेंगे कि यह नया नियम किस तरह से राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएगा। राशन कार्ड योजना 2025 का मुख्य विवरण नीचे दिए गए टेबल में इस योजना का एक संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया गया है:  योजना के लाभ इस नई योजना के तहत लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी: मुफ्त राशन: पात्र परिवारों को हर महीने मुफ्त अनाज (चावल और गेहूं) मिलेगा। आर्थिक सहायता: प्रत्येक परिवार को हर महीने ₹1000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएग...