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बुरहानपुर जिले में किसानों के हित में चना उपार्जन (खरीदी) का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो चुका है। शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

  बुरहानपुर जिले में किसानों के हित में चना उपार्जन (खरीदी) का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो चुका है। शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। ​ यहाँ इस खरीदी प्रक्रिया की मुख्य झलकियाँ दी गई हैं: ​ उपार्जन केंद्र और समितियाँ ​जिले में किसानों की सुविधा के लिए 3 मुख्य मंडी स्तरीय उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं: ​रेणुका मंडी प्रांगण (डोम क्रमांक 1 और 2): यहाँ समिति एमागिर्द और शाहपुर द्वारा खरीदी की जा रही है। ​ तुकईथड़ मंडी: यहाँ समिति तुकईथड़ द्वारा उपार्जन कार्य संपन्न किया जा रहा है। ​ टोकन प्रणाली और शुरुआत ​भीड़भाड़ से बचने और व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए टोकन सिस्टम प्रभावी है: ​ प्रथम दिवस: कुल 8 टोकन बुक किए गए। ​ सक्रिय सहभागिता: पहले दिन 3 किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पहुंचे, जहाँ जिला उपार्जन समिति द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। ​ किसानों के लिए विशेष व्यवस्थाएं ​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' के संकल्प को पूरा करने हेतु केंद्रों पर निम्नलिखित सुविधाए...
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बुरहानपुर जिले में कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में जनगणना-2027 के प्रथम चरण (सूचीकरण एवं मकान गणना) के लिए फील्ड ट्रेनर्स का 3-दिवसीय प्रशिक्षण नगर पालिक निगम के MIC हॉल में शुरू हुआ। यह चरण 30 मई तक चलेगा

  कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में जिले में जनगणना-2027 के प्रथम चरण को पारदर्शी, सटीक एवं व्यवस्थित रूप से संपादित करने हेतु नियुक्त फील्ड ट्रेनर्स का 3 दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को नगर पालिक निगम के एमआईसी हॉल में प्रारंभ हुआ।   जनगणना के प्रथम चरण अंतर्गत सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 30 मई तक संचालित रहेगा। मुख्य बिंदु: प्रशिक्षक: मास्टर ट्रेनर डॉ. दीपक शाह, श्री सुदर्शन नाथ सेठी और जिला जनगणना प्रभारी श्री विनय श्रीवास्तव। कार्य: 30 मई तक सूचीकरण और मकानों की गणना। अवधि: 3 दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण, प्रातः 10.30 से शाम 6 बजे तक। विषय: जनगणना के कानूनी पहलू, एचएलबी सीमा, ग्राउण्ड ट्रुथिंग, प्रगणकों/पर्यवेक्षकों की भूमिका और अवधारणाएं। उपस्थिति: जिला पंचायत सीईओ श्री सृजन वर्मा, निगमायुक्त श्री संदीप श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर श्री राजेश पाटीदार, उपायुक्त श्री रितेश पाटीदार, एनआईसी डीआईओ श्री दीपक बावस्कर, और सांख्यिकी अधिकारी श्रीमती लूसिया रावत।  जनगणना के बारे में परिचय और प्रगणकों, पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की विधि एवं उनकी...

मध्यप्रदेश शासन द्वारा कृषक_कल्याण_वर्ष_2026 के तहत शुरू की गई यह पहल कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर एक बड़ा कदम है। 1 अप्रैल 2026 से लागू हुई “ई-विकास प्रणाली” न केवल उर्वरक वितरण को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर सीधे किसानों को लाभान्वित करेगी।

  कृषक_कल्याण_वर्ष_2026 अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश की कृषि व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 1 अप्रैल 2026 से “ई-विकास प्रणाली” के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था को प्रदेशभर में लागू कर दिया गया है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के निर्देशानुसार एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन परमानंदजी गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में किया गया।  कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य बिंदु और इस नई प्रणाली के लाभों का सारांश नीचे दिया गया है: ​ 📋 ई-विकास प्रणाली: मुख्य उद्देश्य और निर्देश ​प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ एवं अपर कलेक्टर श्री सृजन वर्मा द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए: ​फार्मर रजिस्ट्री एवं एग्री स्टैक (AgriStack) आईडी: ग्रामीण स्तर पर पटवारियों, सचिवों और रोजगार सहायकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करें। यह आईडी डिजिटल कृषि ईकोसिस्टम की आधारशिला है। ​ खरीफ सीजन की तैयारी: आगामी खरीफ सीजन में उर्वरक की...

नगर परिषद् शाहपुर द्वारा ट्रेचिंग ग्राउंड में सूखा कचरा प्रसंस्करण ईकाई मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर (क्षमता 6 टीपीडी) प्रसंस्करण इकाईयों का बुधवार को विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम मार्को, अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री हर्ष सिंह सहित अन्य अधिकारियों द्वारा अवलोकन किया गया।

  स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत नगर परिषद् शाहपुर द्वारा ट्रेचिंग ग्राउंड में सूखा कचरा प्रसंस्करण ईकाई मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर (क्षमता 6 टीपीडी) प्रसंस्करण इकाईयों का बुधवार को विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम मार्को, अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री हर्ष सिंह सहित अन्य अधिकारियों द्वारा अवलोकन किया गया। इस अवसर पर नगर के संचालित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण (गीला एवं सूखा), तथा प्रसंस्करण इकाइयों में किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता की सराहना की गई। उन्होंने विशेष रूप से गीले कचरे के कम्पोस्टिंग एवं सूखे कचरे के पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने पर बल दिया। प्रसंस्करण इकाईयों में सेग्रिकेटेट कचरे के प्रसंस्करण, गीले कचरे एवं फूलों से जैविक खाद बनाने की विधि एवं स्थानीय किसानो को विक्रय की जानकारी साथ...

खंडवा जिले के छैगाँवमाखन पुलिस ने अवैध जुए के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रशिक्षु आईपीएस अमित कुमार के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में पुलिस ने 5 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

  जुए के फड़ पर दबिश, 5 जुआरी पकड़े, 45 हजार रुपए जब्त प्रशिक्षु आईपीएस की कार्रवाई... रात में पुलिस की रेड, ताश पर लग रहे थे दांव, 5 गिरफ्तार खंडवा। जिले में अवैध जुआ एवं सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत छैगाँवमाखन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जुए के फड़ पर दबिश दी। ​ इस कार्रवाई के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: ​छापेमारी और गिरफ्तारी छैगाँवमाखन क्षेत्र के जुए के फड़ पर मुखबिर की सूचना पर दबिश दी गई। ​ पुलिस ने मौके से 45,000 रुपए नगद और 52 ताश के पत्ते जब्त किए हैं। थाना छैगाँवमाखन में अपराध क्रमांक 78/2026 धारा 13 जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजेश रघुवंशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेंद्र तारणेकर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी छैगाँवमाखन एवं प्रशिक्षु आईपीएस अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 29 एवं 30 मार्च की दरमियानी रात मुखबिर सूचना पर कार्रवाई की। दबिश के दौरान आरोपी घेरा बनाकर ताश के पत्तों पर हार...

विधानसभा परिसर, भोपाल में आयोजित दो दिवसीय "युवा विधायक सम्मेलन"मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के युवा जनप्रतिनिधियों का एक मंच पर आना लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

  आज विधानसभा परिसर, भोपाल में आयोजित दो दिवसीय "युवा विधायक सम्मेलन" (मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान) में सम्मिलित होकर लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने एवं विकसित भारत 2047 में युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां के संबंध में अपने विचार सांझा किए ।   कार्यक्रम में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय डॉ मोहन यादव जी, म.प्र. विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री वासुदेव देवनानी जी, संसदीय कार्य मंत्री माननीय श्री कैलाश विजयवर्गीय जी एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। नेतृत्व का मार्गदर्शन ​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति इस बात का प्रतीक है कि भविष्य का नेतृत्व तैयार करने के लिए अनुभवी मार्गदर्शकों का साथ अनिवार्य है। सत्ता पक्ष और विपक्ष (नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी) का एक साथ लोकतांत्रिक मूल्यों पर चर्चा करना यह दर्शाता है कि राष्ट्र निर्माण के मुद्दों पर वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर कार्य करना ही सच्ची राजनीति...

बुरहानपुर जिले के नेपानगर में हुई जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) की यह बैठक क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक जागरूकता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण नजर आती है। नेहरू स्टेडियम में एकत्रित होकर बुनियादी मुद्दों पर चर्चा करना यह दर्शाता है कि संगठन धरातल पर बदलाव के लिए सक्रिय है

  बुरहानपुर में जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) की ब्लॉक स्तरीय बैठक रविवार को नेपानगर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और भविष्य के आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की गई। बैठक के मुख्य बिंदु ​मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान:  बैठक में मुख्य रूप से बिजली, पानी, शिक्षा और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया। सदस्यों ने बताया कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को सुधारने और आम जनता को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ​ योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी: संगठन ने स्पष्ट रूप से यह बात उठाई कि सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर आम जनता तक नहीं पहुँच पा रही हैं। यह अक्सर प्रशासनिक ढिलाई या बिचौलियों की सक्रियता का संकेत होता है। ​ भविष्य की रणनीति: केवल चर्चा ही नहीं, बल्कि आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना यह संकेत देता है कि जयस आ...