अध्यक्ष और संचालकों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, बिना जवाब दिए बैठक छोड़कर चलते बने जिम्मेदार 31मई 2022 से बकाया है मजदूर का भुगतान, कलेक्टर और डी.आर. ऑफिस में चक्कर काटने के बाद भी नहीं मिला न्याय नेपानगर । प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भंडार (सोसाइटी) की साधारण वार्षिक सभा की बैठक सोमवार, 28 सितंबर को स्थानीय अनुरोध भवन में जोरदार हंगामे के बीच समाप्त हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान आए फंड और हिसाब-किताब पर चर्चा चल रही थी, तभी सोसाइटी के एक गरीब मजदूर के बकाए का मुद्दा उठने पर माहौल गरमा गया। स्थिति यह बनी कि पदाधिकारी बिना जवाब दिए ही बैठक बीच में ही छोड़कर चलते बने। मई 2022 से रुका है मजदूरों का भुगतान बैठक के दौरान मजदूर मधु लक्ष्मण गायकवाड़ ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें 31 मई 2022 से न तो ग्रेच्युटी दी गई है और न ही भविष्य निधि (पीएफ) और पेंशन का निर्धारित भुगतान किया जा रहा है। पीड़ित मजदूर ने बताया कि इस लंबे अंतराल में उसने न्याय के लिए कई बार खंडवा कलेक्टर कार्यालय और डी.आर. ऑफिस (सहकारिता विभाग) में आवेदन दिए, लेकिन आज त...
ढाई साल बाद भी तीन उपस्वास्थ्य केंद्र अधूरे एजेंसी का ठेका निरस्त, ब्लैकलिस्ट के बाद अब नए टेंडर से पूरा होगा काम
नेपानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब ढाई साल पहले स्वीकृत पांच उपस्वास्थ्य केंद्रों में से तीन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। भातखेड़ा, कारखेड़ा और सातोड़ में भवन अधूरे पड़े हैं, जबकि सीवल और साईखेड़ा के भवन बनकर विभाग को हैंडओवर हो चुके हैं। निर्माण में लापरवाही पर संबंधित एजेंसी का ठेका निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट किया गया है। अब शेष कार्य के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भातखेड़ा, सीवल, कारखेड़ा, सातोड़ और साईखेड़ा में करीब 30-30 लाख रुपये की लागत से उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए थे। निर्माण की जिम्मेदारी मप्र गृह निर्माण विभाग को दी गई थी। खंडवा की दादाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम सौंपा गया था। बार-बार नोटिस के बावजूद काम में तेजी नहीं आने पर अगस्त में एजेंसी का टेंडर निरस्त कर दिया गया। अधूरे भवनों में बिजली फिटिंग, दरवाजे-खिड़कियां, रंग-रोगन और बाउंड्रीवाल सहित कई काम बाकी हैं। भातखेड़ा में अधूरा भवन खुले मैदान में होने से असामाजिक तत्वों और आवारा पशुओं की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है ...