बुरहानपुर में विकास, निवेश और जनविश्वास का संगम माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के बुरहानपुर आगमन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित और सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि यह प्रवास हर दृष्टि से सफल एवं परिणामकारी हो। इस अवसर पर आयोजित होने वाले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, उद्योग संवाद, इंडस्ट्रियल मीट एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन कार्यक्रम बुरहानपुर एवं निमाड़ क्षेत्र के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेंगे। इन आयोजनों के माध्यम से निवेश को बढ़ावा, उद्योगों को नई दिशा और युवाओं के लिए रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे। साथ ही, विभिन्न राज्यों में मिली ऐतिहासिक विजय के उपलक्ष्य में ‘झालमुड़ी विजयोत्सव’ का आयोजन जनविश्वास, संगठन की शक्ति और कार्यकर्ताओं के समर्पण का प्रतीक बनेगा। यह दौरा बुरहानपुर को विकास, उद्योग और संगठनात्मक सशक्तिकरण की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 6 मई 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुरहानपुर जिले के प्रवास के दौरान सुबह 10.15 बजे रेणुका मंडी हेलीपैड पहुंचे। दौरे के मुख्य बिंदु: भव्य स्वागत: ...
खंडवा जनसुनवाई में कलेक्टर को बिकाऊ करने पर बरूड के किसान श्याम कुमरावत और उनके पिता को जेल भेजे जाने की घटना सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करती है अफसर ने कहा कि जेल में दोनों सुरक्षित हैं। किसान पिता-पुत्र को जमानत नहीं मिलने पर कांग्रेस ने धरना शुरू कर दिया था। करीब 6 घंटे बाद रात में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया
बरुड़ के किसान श्याम कुमरावत और उनके पिता को जेल भेजे जाने की घटना राजनीतिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है। खंडवा जनसुनवाई में बरुड़ के किसान श्याम कुमरावत और उनके पिता को जेल भेजे जाने की घटना सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करती है। यह घटना दर्शाती है कि लंबी सुनवाई प्रक्रिया और आश्वासनों से हताश आम आदमी की आवाज को दबाया जा रहा है, न कि सुना। खंडवा में एक किसान को सुनवाई के दौरान एसडीएम द्वारा 151 लगाकर जेल भेज दिया गया किसान की गलती इतनी थी, कि वह दुखी होकर आवेश में ऊंची आवाज में बात कर रहा था। किसान को गुंडा बताया गया। यह एसडीएम ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। मध्य प्रदेश सरकार किसान हितेषी है। मुख्यमंत्री निश्चित रूप से ऐसे अधिकारी के खिलाफ में सख्त कार्रवाई करेंगे और किसान को न्याय मिलेगा ऐसी आशा है। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा किसानों का ध्यान रखा है और इस प्रकार के अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी काम करेंगे तो सरकार की बदनामी ही करेंगे इसलिए इसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हताशा का विस्फोट: किसान द्वारा बार-बार चक्कर काटने और शिकायतें अनसुनी ...