विधायक अर्चना चिटनिस और कलेक्टर हर्षसिंह ने 46 करोड़ की लागत का लालबाग-चिंचाला रेल्वे ओव्हरब्रिज का रेलवे अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण..…

ज्ञात हो कि श्रीमती चिटनिस ने लालबाग-चिंचाला रेल्वे ओव्हर ब्रिज के रूके निर्माण कार्य और कार्य में विलंब को लेकर केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेल्वे बोर्ड अध्यक्ष, रेल्वे मुंबई के महाप्रबंधक, भुसावल रेल मंडल प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से मुलाकात एवं पत्राचार कर ब्रिज के निर्माण कार्य को शीघ्रता-शीघ्र पूर्ण कराने का अनुरोध किया था। साथ ही विधानसभा सत्र के दौरान शून्यकाल में ध्यानाकर्षण कराया था। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्माण स्थल का निरीक्षण कर जल्द ही निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए थे।
12 वर्ष पूर्व शुरू हुआ था निर्माण कार्य
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि यूनेस्को की वल्ड हैरिटेज सूची में सम्मिलित बुरहानुपर का ऐतिहासिक कुंडी भंडारा को जल प्रदाय योजना को देश-विदेश के आने वाले हजारों पर्यटकों एवं नगरवासियों की सुविधा के लिए निर्माणाधीन लालबाग-चिंचाला ओव्हर ब्रिज का निर्माण कार्य विगत 12 वर्षों से चल रहा है। ब्रिज की प्रशासकीय स्वीकृति म.प्र.शासन लोक निर्माण विभाग भोपाल के पत्र एफ-45/24/2021/19/यो/2331/दिनांक 12 अप्रैल 2013 ब्रिज लागत 14 करोड़ 94 लाख 26 हजार तथा द्वितीय पुरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति म.प्र. शासन एफ-43/121/2022/ 19/यो/1936/ दिनांक 26 मई 2022 पुरीक्षित ब्रिज लागत 46 करोड़ 6 लाख 26 हजार रूपए इस ब्रिज की कार्य आदेश दिनांक 1 जुलाई 2013 को जारी किया गया था। इस ब्रिज के कार्य को पूर्ण करने हेतु भारतीय रेल्वे को 15 करोड़ 91 लाख 62 हजार रूपए जमा की जा चुकी है। यह कार्य 10 वर्ष पूर्व 2013 में प्रारंभ हुआ था। किन्तु आज दिनांक तक पूर्ण नहीं हो सका है। श्रीमती चिटनिस ने बताया कि राज्य सरकार का कार्य दिसंबर 2021 तक 85 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। रेल्वे द्वारा उनके हिस्से में अभी तक मात्र 3 पिल्लर का निर्माण कार्य किया गया है, बाकी का कार्य अभी भी शेष है। कार्य जून 2022 तक पूर्ण करने का कमिटमेंट जनवरी 2022 में दिया गया था। इस कार्य को पूर्ण करने में अत्याधिक विलंब हो चुका है।
निर्माण में आ रही तकनीकी कमियां हुई दूर, 4 माह में होगा पूर्ण
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि वर्तमान में ब्रिज निर्माण पूर्ण करने हेतु संबंधित अधिकारियों से चर्चा में ज्ञात हुआ है कि रेलवे द्वारा किए जा रहे निर्माण में कुछ तकनीकी कमियां थी। जिसको रेलवे द्वारा आरडीएसओ लखनउ आवश्यक तकनीकी परिवर्तन के लिए भेजा गया था। आरडीएसओ लखनउ द्वारा 16 अक्टूबर 2024 को आवश्यक तकनीकी सुधार के बाद अप्रुवल कर निर्देशित कर दिया गया था। रेलवे के हर तकनीकी निर्माण में आरडीएसओ लखनउ का अपु्रवल अनिवार्य होता है। अब लालबाग-चिंचाला रेल्वे ओव्हर ब्रिज का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ होकर आगामी चार माह में पूर्ण किया जा सकेगा। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि यह रेलवे ब्रिज बुरहानपुर शहर के लिए बहुत महत्वपूर्ण योजना है। रेलवे स्टेशन के उस पर रहने वाले हजारों परिवारों को आने-जाने में सहायक होगा।
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