![]() |
केले के रेशे से बनी ईको फ्रेंडली राखी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और सैनिकों को भेजे रही बुरहानपुर की दीदियां, जानें इन अनोखी राखियों के बारे में |
बुरहानपुर : जिले के दर्यापुर गांव में स्व सहायता समूह की महिलाओं ने इस रक्षाबंधन पर एक नई और प्रेरणादायी मिसाल पेश की है. स्व सहायता समूह और एकझिरा गांव की लवकुश स्व सहायता समूह की दीदियों ने केले के रेशे से ईको फ्रेंडली राखियां बनाकर न केवल पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है, बल्कि देशभक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया है, ये राखियां विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और देश की रक्षा में तैनात वीर सैनिकों को भेजी जाएंगी.
पीएम, सीएम व सैनिकों के लिए भेजी जा रहीं राखियांख्वाजा गरीब नवाज स्व सहायता समूह की सदस्य नफिशा तड़वी और लवकुश स्व सहायता समूह की अनुसुइया चौहान ने बताया, '' यह पूरी पहल स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर शुरू की गई है. पारंपरिक राखियों के बजाय प्राकृतिक रेशे से बनी इन राखियों को जब देश के माननीय नेताओं और सैनिकों की कलाई पर बांधा जाएगा, तो यह पूरे बुरहानपुर जिले के लिए गौरव का क्षण होगा.
इस कार्य में कई स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया है, जिन्होंने केले के रेशों को संसाधित कर सुंदर और आकर्षक राखियों का निर्माण किया है. यह पहल न केवल पर्यावरण-संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की कला, मेहनत और नवाचार को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य कर रही है.
यह भी पढ़ें - केले के तने का जादू, जिसे कचरा समझकर फेंक देते थे उसने बदली 600 महिलाओं की किस्मत
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त कदम
इस अनोखी पहल से जहां राखी को एक नया आयाम मिला है, वहीं बुरहानपुर की महिलाओं की पहचान भी देशभर में स्थापित हो रही है. साथ ही इस नवाचार से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार की भी संभावनाएं बढ़ गई हैं, यह पहल एक जिला एक उत्पाद के तहत ‘वोकल फॉर लोकल’ के प्रधानमंत्री के आह्वान को साकार करते हुए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है.
Comments
Post a Comment