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मप्र में नहीं चलेगी अफसरों की मनमानी, होगा एक्शन, सीएम मोहन यादव हुए सख्त

   प्रदेश पत्रिका:-  मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा अफसर के मनमानी पर लगाम लगाई जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि सरकारी अफसर लग्जरी गाड़ियों से सैर सपाटा करते हैं लेकिन अब सरकार इस पर रोक लगाने की तैयारी में है। अब सरकार के द्वारा मैदानी अफसर की समीक्षा कराई जाएगी। लगातार अफसर के मनमानी को लेकर शिकायतें सुनने को मिल रही थी जिसके बाद सरकार ने गाइडलाइन जारी किया है और नियमों को पालन करने आदेश दिया है।

सरकार ने अफसर के लिए तय किया मापदंड ( Pradesh Patrika) अफसर के टैक्सी कोटे से गाड़ी लेने और पेट्रोल डीजल के भुगतान का मापदन तय किया गया है लेकिन अफसर इसमें भी सेंड लग रहे हैं। अक्सर देखा जा रहा है कि एक से अधिक पद प्रभार में रहने वाले अवसर एक से अधिक गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपने मनमानी तरीके से पेट्रोल डीजल का भुगतान कर रहे हैं।

जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास निगम की नियमों का उल्लंघन की शिकायत सुनने को मिली और अब जल संसाधन इस पर संभव स्तरीय समीक्षा करने वाला है। अब किसी भी अवसर की मनमानी नहीं चलेगी।

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नई गाइडलाइन

यह गाइडलाइन 10 फरवरी 2025 को सभी मुख्य अभियंता, कार्यपालन-सहायक व प्रभारी यंत्री, कछार प्रभार, जोन प्रभारी, संभागीय प्रभारी सहित मैदानी अफसरों को गाडिय़ों के लिए गाइडलाइन भेजी है। उन्हें हर संभाग में समीक्षा को कहा है। मैदानी अफसरों को निर्देश हैं कि टैक्सी कोटे से जो गाड़ी ली जाएगी, उसका मालिक प्रथम या द्वितीय श्रेणी के अफसर का रिश्तेदार नहीं होगा। ऐसा हुआ तो भुगतान से दोगुनी राशि वसूली जाएगी।

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