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जनरल कोच में बोरी लेकर खड़ा था युवक, नजर पड़ते ही GRP को हुआ शक... खोलकर देखा तो दंग रह गई टीम

 

ट्रेन में मिली एक करोड़ रुपये की चांदी। (तस्वीर जागरण)

(Jhansi GRP Team) झांसी में जीआरपी टीम ने समता एक्सप्रेस (Samata Express) के जनरल कोच से एक करोड़ की चांदी ले जाते एक युवक को पकड़ लिया। पकड़ा गया युवक आगरा के उदेना गांव थाना जगनेर निवासी राहुल कुशवाहा बताया गया है। युवक के पास से कोई भी दस्तावेज नहीं मिला है। जीएसटी की टीम भी मौके पर पहुंच गई है।


प्रदेश पत्रिका  :- समता एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रहे युवक को 91 किलो चांदी के साथ गिरफ्तार किया गया है। वह चांदी की सिल्लियों व आभूषण को बोरियों में भरकर ले जा रहा था। आरपीएफ व जीआरपी ने झांसी रेलवे स्टेशन पर युवक को माल समेत उतार लिया। जीएसटी विभाग की टीम ने चांदी को जब्त कर लिया है।

जीआरपी व आरपीएफ को बुधवार को सूचना मिली कि समता एक्सप्रेस में तस्करी कर चांदी लाई जा रही है। ट्रेन के झांसी पहुंचते ही जीआरपी प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र कुमार सिंह व आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक रवीन्द्र कौशिक ने अपनी-अपनी टीम के साथ सभी डिब्बों की जांच शुरू की।


नागपुर से मथुरा चांदी लेकर जा रहा था युवक

जनरल कोच में पहुंचने पर एक युवक घबराकर शौचालय की तरफ जाने लगा। शक होने पर उसको पकड़कर पूछताछ की गई तो सब उगल दिया। सुरक्षाकर्मियों ने माल समेत युवक को ट्रेन से उतार लिया। थाने लाकर बोरियां खोलते ही उसमें से चांदी की सिल्लियां देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

चांदी के कुछ आभूषण भी मिले हैं

तौलने पर लगभग 91 किलो चांदी निकली। कुछ चांदी के आभूषण भी मिले हैं। चांदी के साथ पकड़े गए युवक का नाम आगरा के जगनेर क्षेत्र निवासी राहुल कुशवाहा है। उसने बताया कि नागपुर स्टेशन पर कुछ लोगों ने माल दिया था, जिसे मथुरा के व्यापारी को देना था। उसने कुछ व्यापारियों के नाम भी बताए हैं।

जीआरपी के पुलिस अधीक्षक विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के बाद जीएसटी की टीम ने चांदी जब्त कर ली है।

11 हजार में नागपुर से मथुरा पहुंचानी थी चांदी

राहुल के अनुसार, मथुरा के कुछ व्यापारियों के कहने पर वह नागपुर चांदी लेने गया था। माल सुरक्षित पहुंचाने के पर उसे 11 हजार रुपये मिलना थे। उसे कुछ नहीं पता था कि बोरियों में क्या है और उसकी क्या कीमत है। चांदी की सिल्लियों को गत्तों में पैक किया गया था, जिस पर छह व्यापारियों के नाम भी लिखे हैं। 


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