सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बुरहानपुर के 'स्नेक मैन' ने रचा इतिहास, 25 हजार जहरीले सांपों को बचाया - BURHANPUR SNAKE MAN CREATED HISTORY

 बुरहानपुर के स्नेक मैन एरिक साइमन ने 25 सालों में 25 हजार से ज्यादा सापों को बचाया है. इनमें दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियां शामिल हैं.

बुरहानपुर के स्नेक मैन एरिक साइरस

प्रदेश पत्रिका:- नेपानगर क्षेत्र के पांधार एरिया निवासी एरिक साइमन "स्नेक मैन" के नाम से जाने जाते हैं. उनकी कहानी जितनी रोमांचक है उतनी ही प्रेरणादायक भी है. एक घटना से प्रभावित होकर एरिक ने जिंदगी को एक नया मोड़ दिया और विषैले सांपों को बचाने का बीड़ा उठाया. पिछले 25 वर्षों में एरिक ने करीब 25 हजार जहरीले सांपों को पकड़कर सुरक्षित जंगलों में छोड़ा है, जो अपने आप में एक अद्वितीय कीर्तिमान है।

एरिक निशुल्क कर रहे समाज की सेवा

दरअसल, नेपानगर और उसके आसपास के गांवों में जब भी कोई सांप नजर आता है, तो लोग बिना देर किए एरिक साइमन को बुलाते हैं. एरिक ने बताया कि उनको 25 सालों में 15 से ज्यादा सांपों ने कांटा हैं, लेकिन योग को अपनाकर वह मौत को मात दे चुके हैं.'' एरिक सांप पकड़ने का कार्य पूरी तरह नि:शुल्क करते हैं, न तो वह किसी से पैसा लेते हैं और ना ही किसी सुविधा की मांग करते हैं. उनकी यही निस्वार्थ भावना उन्हें समाज का असली नायक बनाती है.

सामाजिक संस्थाएं कर चुकी हैं सम्मानित

सांपों को पकड़ने के साथ-साथ एरिक उनका इलाज भी करते हैं. घायल और बीमार सांपों का रेस्क्यू करके उन्हें स्वस्थ करते हैं और फिर उन्हें प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ते हैं. एरिक अब तक विभिन्न प्रजातियों के हजारों सांपों की जान बचा चुके हैं, जिनमें कई दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल हैं. उनकी इस अनूठी सेवा और साहसिक कार्यों के लिए उन्हें कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है.
सापों का रेस्क्यू कर जंगल में सुरक्षित छोड़ा

एरिक का मानना है कि "सांपों को मारना नहीं, बल्कि समझना और उनका संरक्षण करना जरूरी है. उनके प्रयासों से स्थानीय लोगों में भी जागरूकता बढ़ी है और अब लोग सांप देखने पर उन्हें मारने के बजाय एरिक को बुलाना पसंद करते हैं. "स्नेक मैन" एरिक साइमन न केवल पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रहे हैं कि प्रत्येक जीव के जीवन रक्षा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है. उनका साहस, समर्पण और सेवा भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है

                  आप देख रहे हैं 👇



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नेपा लिमिटेड में ज्ञानेश्वर खैरनार को संपदा अधिकारी नियुक्त किया गया.!

                प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) ज्ञानेश्वर खैरनार को लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम-1971 के अंतर्गत टाउनशिप प्रशासक नियुक्त किया गया हैं। वे उक्त अधिनियम की धारा 3 के तहत संपदा अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगें। ज्ञात हो कि, नेपा लिमिटेड में पिछले लगभग एक वर्ष से यह पद रिक्त था। इस नियुक्ति के साथ, ज्ञानेश्वर खैरनार लोक परिसर अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे और इसके अधीन अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेंगे। इस नियुक्ति पर सीएमडी राकेश कुमार चोखानी सहित पूरे नेपा लिमिटेड परिवार ने ज्ञानेश्वर खैरनार को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।      आप देख रहे हैं 👇

नगर में नगर पालिका अध्यक्ष पति विनोद पाटिल और पार्षद पति कैलाश पटेल में मनमुटाव की चर्चा।

 वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका से स्वच्छता मिशन के अंतर्गत हुई खरीदी का पूरा विवरण। वार्डक्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल प्रदेश पत्रिका:- नेपानगर, दिनांक 18 मार्च 2025 - नगर पालिका परिषद नेपानगर के वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका प्रशासन से वर्ष 2023 और 2024 में स्वच्छता मिशन के तहत खरीदे गए सभी उपकरणों का लिखित ब्यौरा देने की मांग की है। नगर पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान  के तहत हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन नगर में सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि पिछले दो वर्षों में स्वच्छता मिशन के तहत कितनी राशि खर्च हुई, किन-किन उपकरणों की खरीदी हुई, उनकी गुणवत्ता क्या है, वे वर्तमान में कहां उपयोग हो रहे हैं, और उनके रखरखाव की क्या व्यवस्था है। पार्षद सपना कैलाश पटेल  ने प्रशासन को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर यह जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर के नागरिकों को यह जानने का हक है कि स्वच्छता अभियान के लिए दिए गए सरकारी बजट का सही उपयोग हुआ ह...

8 फरवरी से राशन कार्ड धारकों को मिलेगा बड़ा फायदा! जानें नया नियम!

भारत सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जो 8 फरवरी 2025 से लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत प्रदान करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस नई पहल के तहत, राशन कार्ड धारकों को न केवल मुफ्त राशन मिलेगा, बल्कि उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह योजना देश के करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इस लेख में, हम आपको इस योजना के सभी पहलुओं की जानकारी देंगे, जैसे कि इसके लाभ, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, और आवेदन प्रक्रिया। साथ ही, हम यह भी समझेंगे कि यह नया नियम किस तरह से राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएगा। राशन कार्ड योजना 2025 का मुख्य विवरण नीचे दिए गए टेबल में इस योजना का एक संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया गया है:  योजना के लाभ इस नई योजना के तहत लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी: मुफ्त राशन: पात्र परिवारों को हर महीने मुफ्त अनाज (चावल और गेहूं) मिलेगा। आर्थिक सहायता: प्रत्येक परिवार को हर महीने ₹1000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएग...