सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

एमपी में है देश का पहला टाइगर ‘ट्रेनिंग स्कूल’…

 Tiger Rewilding Centre: कान्हा नेशनल के घोरेला के मैदान में संचालित है देश का पहला टाइगर रिवाइल्डिंग सेंटर, अनाथ व घायल शावकों को दी जाती है ट्रेनिंग…।


Tiger Rewilding Centre: मध्यप्रदेश में देश का पहला टाइगर ट्रेनिंग स्कूल है जी हां सुनने में ये बात जरूर अजीब लगती है लेकिन ये सच है। दरअसल मध्यप्रदेश के मंडला के कान्हा नेशनल पार्क में बने इस रिवाइल्डिंग सेंटर से अब तक 14 बाघ (TIGER) ट्रेनिंग लेकर जंगल में छोड़े जा चुके हैं जो जंगल में जीवन यापन कर रहे हैं। जबकि वर्तमान में 3 बाघ शावक यहां मौजूद हैं जिन्हें जंगल में रहने के काबिल बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

घायल व अनाथ शावकों का ट्रेनिंग सेंटर

मंडला के कान्हा नेशनल पार्क में अनाथ व घायल शावकों को ट्रेनिंग देकर जंगल में रहने के काबिल बनाया जा रहा है। वे स्वयं शिकार करना भी सीख रहे हैं। कान्हा में बाघों के संरक्षण के लिए रिवाइल्डिंग सेंटर की शुरुआत वर्ष 2005 में प्राकृतिक रूप से शावकों के संरक्षण के लिए की गई थी। यहां आज भी विशेषज्ञों की निगरानी में शावकों को शिकार करने का हुनर सिखाया जा रहा है। जब शावक पूरी तरह से जंगल में रहने योग्य प्रशिक्षित हो जाते हैं तो उन्हें स्वतंत्र रूप से छोड़ दिया जाता है। ये देश का पहला रिवाइल्डिंग सेंटर हैं। इसके बाद अन्य जगहों में शुरू हुए हैं।


बाघ शावकों को दी जाती है शिकार की ट्रेनिंग

कान्हा-मुक्की मार्ग पर घोरेला मैदान है जहां वर्ष 1974-76 के पहले गांव था। 22 परिवारों को विस्थापित कर मुक्की एवं धनियाझोर में बसाया गया। घोरेला के मैदान में रिवाइल्डिंग सेंटर चल रहा है। मां से बिछड़ने के बाद या घायल, अनाथ शावकों को रिवाइल्डिंग सेंटर घोरेला में रखा जा रहा है। यहां दो बाड़े बनाए गए हैं। इसमें वयस्क बाघ व शावकों को अलग रखा जाता है। वे प्राकृतिक रूप से विचरण कर शिकार करते हैं। उनकी गतिविधियों पर अधिकारी निगरानी करते हैं।

2005 में ऐसे हुई थी शुरूआत

वर्ष 2005 में 20-22 दिन के तीन बाघ शावकों की मां की मृत्यु हो गई। जिसके बाद उन्हें कान्हा में फीडिंग कराई गई। कुछ दिन बाद एक बाड़े में रखकर देखरेख शुरू की गई। शुरुआत में जिंदा मुर्गा बाघ शावकों के लिए बाड़े में छोड़ा गया। जिसका उन्होंने शिकार किया। फिर जिंदा बकरा और चीतल छोड़ा जाने लगा। लगभग तीन साल में शावक पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से शिकार करने के लिए तैयार हो गए। शावक के वयस्क होने पर दो फीमेल शावक को पन्ना टाइगर रिजर्व व मेल शावक को भोपाल वन विहार भेज दिया गया। इन शावकों के सुरक्षित देखरेख हो जाने के बाद रिवाइल्डिंग सेंटर की योजना बनी। रिवाइल्डिंग सेंटर वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ संदीप अग्रवाल की देखरेख में संचालित है।


वर्तमान में तीन शावकों की हो रही देखरेख

रिवाइल्डिंग सेंटर घोरेला में वर्तमान में चार शावकों की पालन पोषण किया जा रहा है। मई 2024 में दो बाघ शावक वनविहार भोपाल से कान्हा के रिवाइल्डिंग सेंटर घोरेला पहुंचाए गए थे। शावक 15 से 16 माह के अवस्था के हैं। 2024 में इनको रातापानी अभ्यारण से रेस्क्यू किया गया था। रिवाइल्डिंग सेंटर में बाघ शावकों को एक से डेढ़ वर्ष और रखा जाएगा। वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ संदीप अग्रवाल का कहना है कि अब तक एक दर्जन से अधिक शावक यहां पूर्ण रूप से प्रशिक्षित होकर कर निकल चुके हैं। वर्तमान में तीन शावकों की निगरानी की जा रही है। इनमें से एक वयस्क हो गया हैं। सामान्य तौर पर ढाई से तीन साल में बाघ शावक वयस्क हो जाते हैं। जैसे पूरी तरह सुरक्षित शिकार करने में सक्षम हो जाएंगे तो इन्हें भी दूसरे जगह स्थांतरित कर दिया जाएगा।

60 चीतल के शिकार करने का पैमाना

डॉ संदीप अग्रवाल ने बताया कि शावक के वयस्क होने के साथ उनके शिकार करने पर भी नजर रखी जाती है। जब एक वयस्क शावक 60 चीतल का स्वयं ही शिकार कर लेता है तो समझा जाता है कि वह जंगल में रहने लायक हो गया है। फिर उसे डिमांड के अनुसार टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया जाता है। टाइगर रिजर्व में फीमेल टाइगर की अधिक मांग रहती है। ताकि जनसंख्या वृद्धि में सहायक हो सके। इससे बाघ चिडिय़ा घर में कैद होने से बच जाते हैं।


               आप देख रहे हैं 👇


 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नौकरी के नाम पर ₹1.40 करोड़ की ठगी: 9 महीने से फरार आरोपी धीरज चौधरी ने नेपानगर कोर्ट में किया सरेंडर, 3 दिन की पुलिस रिमांड पर

 नौकरी के नाम पर 1 करोड़ 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी धीरज चौधरी ने मंगलवार को नेपानगर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है,  ।। प्रदेश पत्रिका संवाददाता दीपक सोनवणे ।। नेपानगर। भारतीय डाक विभाग (पोस्ट ऑफिस) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपानगर और आसपास के करीब 19 युवाओं से 1 करोड़ 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपियों में से एक धीरज चौधरी ने मंगलवार को नेपानगर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी पिछले नौ महीने से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार, नेपानगर के गेट नंबर 7 निवासी आरोपी धीरज (पिता अशोक चौधरी) मंगलवार दोपहर करीब 1:00 बजे अपने कानूनी सलाहकार (वकील) के साथ अचानक न्यायालय परिसर पहुंचा और आत्मसमर्पण की अर्जी लगाई। धीरज के सरेंडर करने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया गया था। नेपानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के 19 युवाओं ने शि...

नेपा लिमिटेड में ज्ञानेश्वर खैरनार को संपदा अधिकारी नियुक्त किया गया.!

                प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) ज्ञानेश्वर खैरनार को लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम-1971 के अंतर्गत टाउनशिप प्रशासक नियुक्त किया गया हैं। वे उक्त अधिनियम की धारा 3 के तहत संपदा अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगें। ज्ञात हो कि, नेपा लिमिटेड में पिछले लगभग एक वर्ष से यह पद रिक्त था। इस नियुक्ति के साथ, ज्ञानेश्वर खैरनार लोक परिसर अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे और इसके अधीन अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेंगे। इस नियुक्ति पर सीएमडी राकेश कुमार चोखानी सहित पूरे नेपा लिमिटेड परिवार ने ज्ञानेश्वर खैरनार को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।      आप देख रहे हैं 👇

जिला बुरहानपुर के तहसील नेपानगर में बीड कॉलोनी भीलट बाबा मंदिर के पास गन्ने के रस वाली गाड़ी से बाइक सवार की जोरदार टक्कर

  नेपानगर में गन्ने के रस की गाड़ी और बाइक की टक्कर में घायल हुई दोनों बच्चियों (शिवानी और इंदु) को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बुरहानपुर [Burhanpur] रेफर कर दिया गया है। मध्यम प्रदेश जिला बुरहानपुर के तहसील में रविवार  दिनांक 07/06/2026 समय करीब 6:58 pm नेपानगर के बीड कॉलोनी भीलट बाबा मंदिर के पास गन्ने के रस वाली गाड़ी से बाइक सवार की जोरदार टक्कर होने के कारण घाघरा निवासी दिनेश कि दो बच्चिया है जिसमे बडी बेटी का नाम शिवानी 6 वर्ष दूसरी का नाम इंदु 4 साल जिसे सर पर बहुत गंभीर चोट लगी है बताया जा रहा है की  बाइक का नियंत्रित सड़क पर गड्ढे होने के कारण बाइक गन्नेे के गाड़ी से जा टकरा गए । घटना का मुख्य विवरण इस प्रकार है: ​ घटनास्थल: बीड कॉलोनी, भीलट बाबा मंदिर के पास, तहसील नेपानगर, जिला बुरहानपुर (मध्य प्रदेश)। ​ दुर्घटना का कारण: बाइक सवार और गन्ने के रस वाली गाड़ी के बाइक की जोरदार टक्कर। ​ पीड़ित: घाघरा निवासी दिनेश की दो बच्चियां (बड़ी बेटी शिवानी और छोटी बेटी इंदु)। इंदु के सिर पर गंभीर चोट आई है। गन्ने   गाड़ी चालक: सुरेश अशोक सावले (निवासी: ग्...