बुरहानपुर के नेहरू मोंटेसरी स्कूल में सरस्वती माता की फोटो न लगाए जाने को लेकर कुछ व्यक्तियों या संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. यह घटना धार्मिक भावनाओं और शिक्षा के क्षेत्र में परंपराओं के महत्व से जुड़ी हुई है.
यह विरोध इस बात पर आधारित है कि भारतीय संस्कृति में, विशेषकर विद्यालयों में, विद्या की देवी सरस्वती की प्रतिमा या फोटो स्थापित करना एक सामान्य और सम्मानजनक परंपरा है.
प्रदर्शनकारियों का मानना है कि स्कूल द्वारा ऐसा न करना उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का अनादर है.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर जताया विरोध जिला संयोजक पृथ्वी महाजन और प्रियांशु ठाकुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल में सरस्वती माता का फोटो नहीं है जबकि विद्यार्थी यहा तिलक लगाकर आते हैं उन्हें तिलक लगाने से माना किया जाता है इसलिए हमने आज विरोध प्रदर्शन कर स्कूल संचालक और जिला प्रशासन पर प्रदर्शन कर इस विरोध पर कार्रवाई करने की मांग की है
इस मामले में स्कूल प्रबंधन और विरोध कर रहे पक्षों के बीच संवाद और आपसी समझदारी से ही कोई समाधान निकल सकता है.



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