बिना नोटिस दिए वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम नहीं कटेंगे, 7 करोड़ से अधिक लोगों ने जमा किए गणना फॉर्म।
चुनाव आयोग के अनुसार, कई लोग मतदाता बनने के इच्छुक नहीं थे। बीएलओ को 36 लाख मतदाता नहीं मिले और न ही उनके गणना फॉर्म वापस मिले। या तो वे अन्य राज्यों में मतदाता बन गए या 25 जुलाई तक फॉर्म जमा नहीं किए थे।
चुनाव आयोग ने रविवार को कहा है कि नोटिस दिए बगैर सूची से मतदाताओं के नाम नहीं कटेंगे। प्रारूप मतदाता सूची से नाम हटाने के पहले निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ( ईआरओ) या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) को नोटिस और सूचना देनी होगी। मतदाता ईआरओ के निर्णय के असहमत रहे तो जिला मजिस्ट्रेट और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं।
ईआरओ के निर्णय के विरुद्ध अपील दायर करने में लोगो की मदद के लिए स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा रहे हैं। अपील दायर करने के लिए मानक प्रारूप बन रहा है। आयोग के अनुसार, लोगों को आसानी से अपील दायर करने की सुविधा देने के लिए इसे व्यापक रूप से प्रसारित भी किया जाएगा। रविवार को चुनाव आयोग के सहायक निदेशक अपूर्व कुमार सिंह ने इसकी जानकारी दी। आयोग ने एसआईआर से संबंधित 10 प्रमुख उद्देश्यों को स्पष्ट किया। इसमें बताया गया कि 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ से भी अधिक मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा करा दिए हैं। इसे निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की जबरदस्त भागीदारी का संकेत बताया है।
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