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म.प्र.विधानसभा में अर्चना चिटनिस ने फिर उठाया बहादरपुर सूत मिल के श्रमिकों विषय......

प्रदेश पत्रिका :- मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के द्वितीय दिवस विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने बुरहानपुर की बहादरपुर सहकारी सूत मिल मर्यादित के श्रमिक एवं कर्मचारियों को देय वेतन, ग्रेज्यूटी के भुगतान का विषय सदन में पुनः उठाया। जिस पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने उत्तर देते हुए की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। श्रीमती चिटनिस ने मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन के साथ मिलकर शासन संपूर्ण कार्यवाही को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को कब तक राहत पहुंचा पाएंगे, इसकी समय-सीमा निर्धारित की जाए। जिस पर मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि वे इस विषय में जल्द से जल्द बैठक करेंगे और श्रमिकों को जल्द से जल्द दिलाने का प्रयास करेंगे।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि परिसमापक द्वारा श्रमिक संघों के प्रतिनिधियों के सहयोग से गणना की कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर बुरहानपुर द्वारा गठित समिति ने कर्मचारी संघों श्रमिकों की सूची प्राप्त की है। 743 कर्मचारियों के पीएफ खाता नम्बर की जानकारी प्राप्त हुई है। कर्मचारियों द्वरा प्रस्तुत देय राशि पत्रकों का नियमानुसार परीक्षण किया जा रहा है। तम्समय कार्यरत कर्मचारियों की प्रमाणित सूची उपलब्ध नहीं होने से गणना में समय लग रहा है। वर्तमान परिसमापक द्वारा पूर्व परिसमापक तथा कार्यालय क्षेत्रीय भविष्य निधि इंदौर से प्रमणित सूची प्रदाय करने हेतु दिनांक 3 और 4 जुलाई 2025 को पत्र लिखा गया है।

उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2024 में भी मध्यप्रदेश विधानसभा में विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से बुरहानपुर की बहादरपुर सहकारी सूत मिल मर्यादित के श्रमिक एवं कर्मचारियों को देय वेतन, ग्रेज्यूटी के भुगतान का विषय सदन में उठाया था। जिस पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने उत्तर देते हुए अतिशीघ्र कार्यवाही आरंभ कर भुगतान करने का आश्वासन दिया था। जिसके परिणाम स्वरूप जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया। जिसकी दो बार बैठकें भी आयोजित हो चुकी है और कार्यवाही गति से आगे बढ़ रही है। जिला स्तरीय समिति मजदूरों की दैनदारियों का आंकलन कर शीघ्र प्रस्तुत करेंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की ऐसी सभी बंद मिलों, जिनको मजदूरों को उनका हक अब तक नहीं मिल पाया है, सरकार पूरे ब्याज सहित उन मिल मजदूरों को उनका वाजिब हक दिलाएगी। इसमें बुरहानपुर की बहादरपुर सहकारी सूत मिल भी शामिल है।

श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा हमारी सरकार ने मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, विनोद मिल, अवंतिका सूत मिल, हीरा मिल आदि के मजदूरों के प्रति जिस संवेदनशीलता से निर्णय किया, उनके सारे मजदूरों की देनदारियां का भुगतान किया उसी प्रकार बुरहानपुर की बहादरपुर सूत मिल के मजदूरों-कर्मचारियों के लिए भी समय-सीमा में निर्णय करें। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि हम विगत 25 वर्षों से इस मुद्दे को उठा रहे है। लगातार प्रयास कर श्रमिकों-कर्मचारियों को उनका हक मिल सके, इस हेतु प्रयत्नशील रहे।

कांग्रेस के शासन काल में 1998 में बंद हुई थी, बहादरपुर सूत मिल

श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि फरवरी 1998 दिग्विजयसिंह के कांग्रेसी शासनकाल से बंद पड़ी और तब 3-4 वर्षांे में अस्तित्व खो चुकी बहादरपुर सूत मिल के श्रमिकों एवं कर्मचारियों को आज तक भी देय वेतन एवं ग्रेज्युटी का लाभ नहीं मिला है। जो बहादरपुर और बुरहानपुर के मेहनतकश कामगारों हेतु काला दिन रहा। जिस दिन इस चालू मिल को तत्कालीन सरकार ने बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि मिल के परिसमापन को 25 वर्ष से अधिक समय हो चुका है। मिल के श्रमिक अपनी भुगतान राशि के लिए कई वर्षों से आंदोलतरत है तथा इन श्रमिकों में से लगभग 200 श्रमिकों के मृत्यु भी हो चुकी है।

 इन श्रमिकों की 1999 में देयता 1 करोड़ 51 लाख राशि का भुगतान शेष बताया गया। श्रीमती चिटनिस ने अपने प्रश्न में 31 मार्च 2024 तक की स्थिति में श्रमिकों की देनदारियां ब्याज सहित 56,55,14212/- होना बताया। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने बहादरपुर सूत मिल को कार्यशील पूंजी के अभाव में फरवरी 1998 में बंद कर दिया था। उसके पश्चात शासन ने अक्टूबर 1999 अपना परिसमापक नियुक्त कर संस्था को परिसमापन में ले लिया था। वर्तमान में महाप्रबधंक, जिला व्यापार व उद्योग केन्द्र बुरहानपुर परिसमापक है।


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