प्रदेश पत्रिका :- बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने बुरहानपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार, बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने और व्यवस्थाओं को दूरूस्त करने हेतु लगातार प्रयासरत है। जिसके परिणाम स्वरूप बुरहानपुर जिला चिकित्सालय को स्थाई एनेस्थीसिया चिकित्सा अधिकारी और दिवंगत व्यक्तियों को अस्पताल से घर या श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए (शव वाहिनी) एम्बुलेंस की सौगात मिली है। अतिशीघ्र दूसरी एम्बुलेंस (शव वाहिनी) प्राप्त होगी। श्रीमती चिटनिस ने मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एवं उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।जिला अस्पताल में स्थाई एनेस्थीसिया चिकित्सक की हुई नियुक्ति
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि जिला चिकित्सालय में स्थाई एनेस्थीसिया की नियुक्ति शासन द्वारा कर दी गई है। जिला चिकित्सालय में एनेस्थीसिया चिकित्सक के रूप में चिकित्सा अधिकारी डॉ.श्वेता शिवहरे की पदस्थापना की गई है। अब चिकित्सालय में एनेस्थीसिया की पदस्थापना होने से ऑपरेशन के लिए रोगियों को इंतेजार नहीं करना पड़ेगा।
एक एम्बुलेंस (शव वाहिनी) मिला
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि प्रसन्नता है कि भाजपा की सरकार के चलते जिले में बड़ा चिकित्सालय भवन का निर्माण तो हो सका। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी का स्वास्थ्य पर विशेष फोकस है। बुरहानपुर जिला चिकित्सालय को दिवंगत व्यक्तियों को अस्पताल से घर या श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए (शव वाहिनी) एक एम्बुलेंस प्राप्त हुआ है।
अतिशीघ्र दूसरी एम्बुलेंस भी जिले को मिलेगी। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि इस सेवा का लाभ लेने के लिए किसी व्यक्त की मृत्यु होने पर 108 पर कॉल करना होगा। सीएमएचओ या सिविल सर्जन के निर्देश पर एम्बुलेंस दिवंगत व्यक्ति को अस्पताल से उनके घर या श्मशान घाट तक पहुंचाएगी। यह सेवा 24 घंटे निःशुल्क उपलब्ध रहेगी। पहले उपचार के दौरान या दुर्घटनाओं में मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को निवास तक पहुंचाने में परिजनों को काफी दिक्कतों का साना करना पड़ता था। अब यह निःशुल्क सेवा शुरू होने से लोगों को सहायता हो सकेगी।श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आम जनता को शव वाहन भी उपलब्ध करा रही है। यह योजना उनके लिए राहत लेकर आई है जिन्हें अब तक मरीज के शव को ले अस्पताल से जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। और अंतिम संस्कार में बड़ी दिक्कतें आती हैं। कई बार वाहन नहीं मिलने पर मरीज या चोटिल व्यक्ति की मौत के बाद शव कई घंटों तक अस्पताल में ही पड़ रहता था। राज्य सरकार ने अस्पताल से घर तक अब ये निःशुल्क शव वाहन सेवा शुरू की है।

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