बुरहानपुर में गणेश प्रतिमा ले जाते समय हुए एक हादसे में खंडवा निवासी एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना शनिवार रात को लालबाग रोड पर हुई।
बुरहानपुर में गणेश प्रतिमा ले जाते समय हुए एक हादसे में खंडवा निवासी एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना शनिवार रात को लालबाग रोड पर हुई। |
हादसे का कारण
गणेश जी की करीब 12 फीट ऊंची प्रतिमा को खंडवा ले जाया जा रहा था। लालबाग रोड पर खराब सड़क और गड्ढों की वजह से प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। इसी दौरान प्रतिमा के साथ चल रहे युवक शशांक जोशी उसके नीचे दब गए।
फ़िर शर्मसार हुवा बुरहानपुर, लालबाग में गणेश प्रतिमा की ट्रॉली पलटी... खंडवा के शशांक जोशी की मौत, हादसे के बाद अफरातफरी, हादसे के बाद शशांक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है और वे प्रशासन से सड़कों की हालत सुधारने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ राजनीतिक दलों ने भी इस घटना पर प्रशासन की लापरवाही को लेकर सवाल उठाए हैं।
इधर मौके पर पहुंचे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी ने कहा कि इस हादसे के लिए भाजपा नेता और प्रशासन जिम्मेदार है। ये लोग सड़क चोर हैं। यह दूसरी घटना है। हम सनातन धर्म की तो बात करते हैं, और गणपति बप्पा का त्योहार सामने है। ऐसे में इस तरह की घटना के लिए भाजपा की सरकार, महापौर और कमिश्नर पर एफआईआर दर्ज होना चाहिए। इस घटना में एक युवक आकस्मिक काल के गाल में समाया है और यह गणपति बप्पा की मूर्ति ले जाते समय मूर्ति गिरने से उसमें दबने के चलते हुआ है, तो इससे बड़ा काला दिन बुरहानपुर जिले की सड़कों के कारण फिर एक बार बुरहानपुर श्रमशान हुआ है
10 फिट की अनुमति लेकिन प्रतिमा थी 15 फिट
बता दें कि, अभी 4 दिन पहले ही शहर के इच्छापुर मार्ग पर भी इसी तरह से सड़क के गड्डों के चलते असंतुलित होकर एक और प्रतिमा गिरकर खंडित हुई थी। जिसके बाद जिला प्रशासन ने सड़कों के गड्ढे भरने की कवायद शुरू करवाई थी तो वहीं मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने पहले ही सभी मूर्ति निर्माताओं को 10 फीट से ऊंची प्रतिमा निर्माण पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। बावजूद इसके करीब 15 फिट ऊंची प्रतिमा बनाई गई, जिसे मार्ग से निकालने में हो रही परेशानियों के चलते यह हादसा हुआ। अब खराब सड़कों को लेकर जिम्मेदारों और तय सीमा से ऊंची प्रतिमा निर्माण करने वालों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग मदद के लिए तुरंत दौड़ पड़े और गंभीर रूप से घायल हुए शशांक को किसी तरह बाहर निकाल कर पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां कुछ देर के इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। वहीं शशांक के साथ आया उसकी साथी रोहित अस्पताल में उसकी मौत की खबर सुन बेहोश हो गया। जिसके बाद उसे भी इलाज के लिए वहीं भर्ती करना पड़ा। इधर घटना के बाद मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। पुलिस को आमजन के सहयोग से रास्ते से प्रतिमा हटाने के प्रयास करने पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद खंडित हुई प्रतिमा को जेसीबी और क्रेन की मदद से उठा कर ट्राली में रखा गया । जिसके बाद उसका विसर्जन करवा दिया गया ।
यह हादसा बताता है कि सड़कों की खराब हालत कितनी खतरनाक हो सकती है और इस तरह के सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना कितना ज़रूरी है।






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