‘‘बच्चों से काम करवाना कानूनन अपराध है’’ -जिला स्तरीय सतर्कता समिति एवं जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजत।
प्रदेश पत्रिका:- जिला पंचायत सभा कक्ष में सोमवार को बंधक श्रमिक अधिनियम अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति एवं बाल श्रम उन्मूलन के तहत जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित रही। बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने श्रम विभाग को सहयोगी संस्थाओं और विभागों के माध्यम से निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक श्रम पदाधिकारी श्री कन्हैयालाल मोरे ने विभागीय कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता हेतु विभाग द्वारा पेम्पलेट भी तैयार करवाया गया है। वही जागरूकता लाई जा रही है कि बाल श्रम की सूचना जिला श्रम कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, जिला बाल कल्याण समिति एवं चाइल्ड लाइन को दे सकते हैं।
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 सुनिश्चित करता है कि, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का किसी भी कार्य में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित हैं। सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों/औद्योगिक संस्थानों/होटलों आदि के द्वारा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 की धारा 3 (क) एवं धारा 14 का सारांश प्रदर्शित करना अनिवार्य है। किसी नियोजन में बाल श्रमिक कार्यरत पाये जाने पर 20,000 रूपये से लेकर 50,000 रूपये तक जुर्माना या छः माह से दो वर्ष तक का कारावास अथवा दोनो से दंडित किया जा सकता है। बैठक में समिति के सदस्यगण संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



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