वरिष्ठ प्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन ज्ञानेश्वर खैरनार ने कहा कि नेताजी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में थे। हमें उनके आदर्शों से सदैव दिशा मिलती है।
प्रभारी कारखाना प्रबंधक महेंद्र केसरी ने कहा कि मेधावी छात्र रहे नेताजी ने आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित नौकरी देश की खातिर ठुकरा दी थी। उनका नेतृत्व और दिल्ली चलो का आह्वान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अमिट अध्याय है। उन्होंने दिखाया कि सच्चे नेतृत्व से असंभव भी संभव हो सकता है।
कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की परिभाषा नेताजी के बिना अधूरी है। उनका व्यक्तित्व भारतीय युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका प्रखर नारा – तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा – आज भी हर भारतीय के हृदय में जोश और राष्ट्रप्रेम की अग्नि प्रज्वलित करता है।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक कार्य एवं वाणिज्य सुरेंद्र मेहता, प्रबंधक वाणिज्य राजेंद्र जाधव, प्रबंधक विपणन प्रशांत कुमार बैथालू, उप प्रबंधक वित्त एवं लेखा सीएन वर्मा, नेपा मिल श्रमिक संघ के अध्यक्ष प्रवीण सोनी सहित दीपक सिंह ठाकुर, आशुतोष मिश्रा, देवेंद्र कुमार पांडेय, मुनीश्वर धीमन, निलेश पाटिल, लक्ष्मी सेन, काजोल बुग्गीवाला, मोहम्मद इलियास सिद्दीकी, रितिका भमोरे, पंकज गुर्जर, सपना दुबे, ईशान व्यास, अदिति मतलाने, आंचल पाल आदि उपस्थित रहे।



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