अर्चना तिवारी रक्षाबंधन पर अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बंधने इंदौर से कटनी के लिए निकली अर्चना तिवारी का अबतक कोई सुराग नहीं लगा है।
हाल ही में, इंदौर से कटनी जा रही नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से अर्चना तिवारी नाम की एक महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। वह रक्षाबंधन के त्यौहार पर अपने घर जा रही थीं और इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थीं।
लापता होने की जानकारी
लापता होने की तारीख: 7 अगस्त 2025
ट्रेन: इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस
कोच: एसी कोच बी3, बर्थ नंबर 3
अंतिम लोकेशन: उनका मोबाइल फोन आखिरी बार नर्मदापुरम जिले में नर्मदा नदी पुल के पास ट्रैक किया गया था।
ट्रेन जब कटनी स्टेशन पर पहुंची, तो अर्चना वहां नहीं मिलीं। उनकी सीट पर केवल उनका सामान और राखी, मिठाई जैसी चीजें रखी हुई थीं।
इस मामले की जांच में पुलिस और रेलवे पुलिस (जीआरपी) की कई टीमें लगी हुई हैं। उन्होंने इस मामले में कई तरह से जांच की है:
खोज अभियान: नर्मदा नदी में एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीमों द्वारा बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया गया।
सीसीटीवी फुटेज: ट्रेन के रास्ते के सभी स्टेशनों, जैसे भोपाल, रानी कमलापति, और इटारसी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
पूछताछ: पुलिस ने अर्चना के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं, उनके परिवार के सदस्यों और ट्रेन में उनके सह-यात्रियों से भी पूछताछ की है।
अन्य शहरों में जांच: पुलिस की टीम जबलपुर भी गई हैं, जहाँ अर्चना की एक पुरानी रूममेट रहती है, ताकि कोई सुराग मिल सके।
इस मामले में अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है, और पुलिस कई थ्योरी पर काम कर रही है। उनका पता लगाने के लिए देश भर के पुलिस स्टेशनों को अलर्ट जारी किया गया है।
जंगलों में उतरी पुलिस
8 अगस्त को जब अर्चना के परिजन उसे लेने रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। अर्चना का फोन बंद था। जब पूरी ट्रेन और पूरे रेलवे स्टेशन पर अर्चना नहीं मिली तो परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। अर्चना के गायब होने की खबर धीरे धीरे पूरे प्रदेश में फैल गई। रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया, अचर्न की मुस्तेदी के साथ तलाश की गई, यहां तक की उसे नर्मदा नदी में भी ढूंढ़ा गया, लेकिन अर्चन नहीं मिली। इसके बाद अर्चना की तलाश के लिए ऑल इंडिया में खोजने के निर्देश दिए गए। रेलवे पुलिस ने राजधानी भोपाल से लेकर बिलासपुर के रेलवे ट्रैक को छान मारा, लेकिन अर्चना नहीं मिली। पुलिस अब अर्चना की तलाश के लिए भोपाल-ओबेदुल्लागंज-बरखेड़ा के जंगलों में उतरी है।
अर्चना की मानव तस्करी?
अर्चना को गायब हुए 12 दिन हो गए है, एक भाई की कलाई अबतक सूनी है। वही परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है। अर्चना के परिजनों ने उसकी सलामती के लिए महामृत्युंजय का जाप कराया, वहीं प्रदेश के मुखिया मोहन यादव से सीबीआई जांच की मांग की है। इतना ही नहीं अर्चना के परिजनों ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। अर्चना के पिता का कहना है कि उनकी बेटी अर्चना का अबतक कोई सुराग नहीं लगा है, यह गंभीर है। दिन प्रति दिन उनकी चिंता बढ़ती जा रही है, परिवार के लोगों का स्वास्थ्य खराब होता जा रहा है। अर्चना के पिता का कहना है कि अर्चना प्रदेश से बाहर जा सकती है, उसकी मानव तस्करी हो सकती है। इसलिए सीएम मोहन यादव मामले को गंभीरता से ले और सीबीआई जांच कराएं।
आपको बता दें कि अर्चना की तलाश के लिए पुलिस कई रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे तलाश चुकी है, लेकिन अर्चना कहीं नजर नहीं आई। इतना ही नहीं पुलिस कई किलोमीटर का रेलवे ट्रैक पर भी तलाश कर चुकी, लेकिन पुलिस को अर्चना नहीं मिलीं। पुलिस अब भोपाल से बरखेड़ा के बीच के जंगलों में तलाश कर रही है। इसके लिए पुलिस की एक टीम जंगलों में उतर चुकी है। फिलहाल अर्चना की तलाश जारी है।
मिडघाट ट्रैक पर सर्चिंग अभियान
अर्चना तिवारी मिसिंग मामले में सुराग तलाशने के लिए पुलिस की पहल पर वन विभाग और रेलवे की संयुक्त टीम ने रविवार को बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों की यह विशेष टीम करीब 25 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक पर अलग-अलग हिस्सों में सर्चिंग करती नजर आई। टीम ने रेलवे ट्रैक से लगे जंगल और ऊबड़-खाबड़ रास्तों की गहन तलाशी ली। पुलिस करीब 10 किलोमीटर जंगल के अंदर जाकर रेलवे ट्रैक तक पहुंची और अर्चना तिवारी से जुड़े संभावित साक्ष्यों की तलाश कर रही है।


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