प्रदेश पत्रिका:- भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, 18 अगस्त 2025 को नेपानगर में वीर गोगाजी की नवमी धूमधाम और भक्ति-भाव के साथ मनाई गई। यह पावन पर्व लोक देवता और नागों के रक्षक गोगाजी महाराज को समर्पित है, जिन्हें सर्पदंश से सुरक्षा और आशीर्वाद प्रदान करने वाला माना जाता हैं। समिति के अध्यक्ष श्री आशीष कटारिया ने बताया कि गोगा नवमी का यह उत्सव हिंदू परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस अवसर पर भक्तों ने गोगाजी महाराज की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और खीर, चूरमा, गुलगुले व मसूर की दाल का भोग अर्पित किया। मंदिरों और घरों में कथा पाठ, आरती और भक्ति भजनों के साथ उत्साहपूर्ण माहौल रहा।समारोह का मुख्य आकर्षण भव्य शोभायात्रा रही, जो रामदेव बाबा मंदिर से प्रारंभ होकर अंबेडकर चौराहा स्थित गोगामेड़ी पर समाप्त हुई।
शोभायात्रा में बाबा के सेवादारों (घोड़े सेवइयां) ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भक्ति भजनों के साथ उत्साह बढ़ाया। जुलूस में आकर्षक छड़ी और हनुमान जी जीवंत झाकी आकर्षण का मुख्य केन्द्र रही और भक्तों की भारी भीड़ शामिल रही।मार्ग में जगह-जगह समाजजनों और संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया गया।शोभायात्रा और समारोह में समिति के प्रमुख सदस्यों आशीष कटारिया, मोनू नाहर, नितिन धौलपुर, मनोज सुगत, सवजीत लौट, भारत चंदेले, सुजल चंदेले, यश मकवाने, नीलेश धौलपुर, रोहित करोसिया, साहिल चौहान, विवेक कलोसिया, ऋषभ, मयंक, लक्ष्य, अनूप,अशोक करोसिया, सुरेश नाहर,भगवान बारसे,रामू करोसिया,जितेन्द्र नाहर,नीरज करोसिया, संदीप करोसिया सहित वाल्मीकि समाज और सर्व समाज के सैकड़ों भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। "गोगा नवमी का यह पर्व हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को जीवंत करता है। गोगाजी महाराज की कृपा से भक्तों सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। इस वर्ष शोभायात्रा और पूजा-अर्चना में सभी समाजों की भागीदारी ने सामाजिक एकता का संदेश दिया।
वाल्मीकि समाज के धीरज करोसिया ने इस आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन, पुलिस बल और सभी भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया।


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