प्रदेश पत्रिका :- भादौ माह का पवित्र समय एक बार फिर हमारे बीच आ रहा है, जब हम राजस्थान के लोकप्रिय लोकदेवता और सामाजिक समरसता के प्रतीक कलयुग के भगवान विष्णु अवतार श्री रामदेव जी बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति अर्पित करते हैं।श्रीरामदेवजी बाबा मंदिर समिति अध्यक्ष अशोक करोसिया ने बताया कि रक्षाबंधन के दूसरे दिन से शुरू होने वाले बाबा के पवित्र उपवास भादौ माह की दशमी, 03 सितंबर 2025 को समाप्त होंगे। यह तिथि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन बाबा रामदेव जी ने रामदेवरा (पोकरण, जैसलमेर) में समाधि ली थी।
इस अवसर पर श्री रामदेव जी बाबा मंदिर समिति, नेपानगर द्वारा दिनांक:- 02 सितम्बर 2025 को जागरण,दिनांक:- 03 सितम्बर 2025 को सुबह:- 10:00 बजे ध्वजा चढ़ाने का समारोह और दोपहर:- 12:00 बजे से विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है। हम समस्त समुदाय को इस पावन आयोजन का हिस्सा बनने के लिए सादर आमंत्रित करते हैं। श्री रामदेव जी बाबा का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व।
श्री रामदेव जी बाबा, जिन्हें “रामसा पीर” के नाम से भी जाना जाता है, का जन्म विक्रम संवत 1409 में चैत्र सुदी भादौ माह की दूज को राजस्थान के बाड़मेर जिले के ऊंडु काशमीर में तंवर वंश के राजा अजमल जी और रानी मैनादे के घर हुआ था। बाबा ने अपने जीवनकाल में सामाजिक समानता, दया और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने दलितों और वंचितों को गले लगाया और सभी मनुष्यों को समान माना, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या वर्ग के हों। उनके अनुयायी राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में फैले हुए हैं। रामदेव जी ने कामड़िया पंथ की स्थापना की और भैरव राक्षस का अंत कर समाज को भयमुक्त किया। उनकी समाधि स्थल, रामदेवरा, में हर साल भादौ माह में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
आयोजन का विस्तृत कार्यक्रम
दिनांक: 02 सितंबर 2025 रात्रि 9:00 बजे से प्रातः 4:00 बजे तक: भव्य जागरण श्री रामदेव जी बाबा के भक्ति भजनों और लोक गीतों की प्रस्तुति, जिसमें “रामदेव रा भजण”, “बाबा री सवारी” और अन्य पारंपरिक भजन शामिल होंगे।
प्रख्यात भजन मंडलियों और स्थानीय कलाकारों द्वारा भक्ति भजनों का गायन, जो श्रद्धालुओं को बाबा के चरणों में समर्पित करेगा।
प्रातः 4:00 बजे श्री रामदेव जी बाबा की विशेष मंगला आरती, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना होगी।
दिनांक: 03 सितंबर 2025 प्रातः 10:00 बजे: बाबा की नेजा (ध्वजा) चढ़ाने का समारोह श्रद्धालु अपने हाथों में पचरंगी ध्वजाएं लेकर मंदिर में बाबा के मंदिर पर ध्वजा चढ़ाएंगे। यह समारोह बाबा के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है।
ध्वजा चढ़ाने के दौरान बाबा के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठेगा।
दोपहर 12:00 बजे से: विशाल भंडारा किया जाएगा।
यह आयोजन श्री रामदेव जी बाबा की समाधि दशमी के अवसर पर उनकी शिक्षाओं—समानता, भक्ति और सेवा—को जीवंत करने का एक प्रयास है। भंडारा और जागरण के माध्यम से हम न केवल बाबा के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं। यह आयोजन नेपानगर के सभी निवासियों और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए एक अवसर है कि वे एक साथ मिलकर बाबा के चरणों में अर्पण करें और प्रसाद ग्रहण करें।
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