प्रदेश पत्रिका:- बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के नेतृत्व में किसानों की कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। इसमें प्रमुख रूप से बुरहानपुर जिले की जीवन रेखा केले फसल विक्रय को सुचारू, बेहतर और पारदर्शी बनाने पर निर्णय लेने के लिए सुझाव रखे गए।विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि विगत 15 वर्षांे में जिलेभर में अनेक तालाबों के निर्माण की वजह से सिंचाई के साधनों में अत्याधिक वृद्धि हुई है। उसी के परिणामस्वरूप रबी की फसलों का रकबा बढ़ने के साथ ही केला फसल का रकबा भी बहुत अधिक बढ़ा है। जोे विगत 10 वर्षों में लगभग दुगना होकर 15 हजार हेक्टेयर रकबा से बढ़कर वर्तमान 30 हजार हेक्टेयर रकबा हो चुका है। फसल की समयावधि कम हुई है। एक वर्ष के अंदर केला तैयार होकर कट रहा है। साथ ही केले की गुणवत्ता और उत्पादन में बहुत सुधार हुआ है। इसी की वजह से अपने जिले का केला विदेशों में अधिक मात्रा में निर्यात हो रहा है। केले की फसल के लिए बुरहानपुर की प्रसिद्धी देश में है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि सिंचाई के साधन बढ़ने के साथ ही भाजपा सरकार में सड़क एवं बिजली की व्यवस्था सुचारू करने का क्रम निरंतर जारी है। इसी के परिणाम स्वरूप जिन क्षेत्रों में केले की फसल पूर्व में नहीं लगाई जाती थी वहां पर भी अब केला फसल अधिक मात्रा में लगाया जा रहा है। वर्तमान में संपूर्ण देश में केला बिक्री की सर्वश्रेष्ठ व्यवस्था बुरहानपुर में है किंतु समय के साथ सकारात्मक परिवर्तन करतेे रहना अतिआवश्यक हो गया है। अब इसे और अधिक पारदार्शी, सामंजस्य एवं सुचारू बनाने की आवश्यकता प्रतित होती है। इस हेतु किसानों के साथ मिलकर कलेक्टर बुरहानपुर से भेंट कर सुझाव देते हुए चर्चा की है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि यह सर्वविदित है कि सभी फल एवं सब्जिया बहुत ही संवेदनशील फसलें है। इसके भाव किसी के भी हाथ में नही होते यह उत्पादन एवं मांग के आधार पर निर्भर करते है। फिर भी सभी पक्षों की ओर से प्रयास कर इस व्यवस्था को अधिकतम पारदर्शी, समन्जस्यपूर्ण और सौहार्दपूर्ण बनाए रखने की जिम्मेदारी हमारी सभी की है।
श्रीमती चिटनिस ने किसानों से चर्चा उपरांत सुझाव दिया कि राजस्व विभाग, कृषि उपज मंडी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग के सहयोग गिरदावरी अनुसार किसानों, व्यापारियों, केला गु्रप के नाम, मोबाईल नंबर एवं पते की सूची जारी करें। इससे आपस में व्यवहार करने में और अधिक सुविधा एवं पारदर्शीता आएगी। जब कभी भी प्रतिकूल अवस्था आएंगी या केले के भाव में मंदी आएगी तब यह बहुत ही उपयोगी होगा। इसके साथ ही शासन की योजनाओं, नीतियों एवं समस्त जानकारियों के आदान-प्रदान करने हेतु तकनीकी का उपयोग किया जा सकेेगा। अनुकूल या प्रतिकुल परिस्थितियों में यह डाटा उपयोगी रहेगा।
यह आए सुझाव
किसानों ने कहा कि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जो सभी के हित में हो। सभी वर्गों से चर्चा कर सुझाव मांगकर सामंजस्य से सौहार्दपूर्ण वातावरण में केला उत्पादक किसान, केला ग्रुप, केला व्यापारी एवं कृषि उपज मंडी मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाई जाए। इस टेक्नोलॉजी के युग में हमारी बुरहानपुर मंडी की ऑनलाईन अथवा यूट्यूब पर व्यवस्था बनाए, जिससे देशभर के व्यापारी बुरहानपुर केला मंडी को निलाम/भाव का सीधा प्रसारण देख सकें। ऐसा एप्प भी बनाया जाए। कृषि उपज मंडी में स्थित डिसप्ले बोर्ड पर भी अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध हो जैसे अधिकतम भाव, निरस्त हुई गाड़ी संख्या, कुल गाड़ी की संख्या गुणवत्ता-रास अन्य जानकारी हो
। केला नीलामी के समय आवश्यकतानुसार मंडी के भारवाहक अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी या मंडी सचिव की उपस्थिति भी व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक होगी। साथ ही निलामी सभागृह के अंदर व बाहर सीसीटीवी कैमरे लगना चाहिए। पर्याप्त लाईट, साउंड, पंखे एवं पेयजल व्यवस्था एवं संपूर्ण परिसर की स्वच्छता को भी वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सुनिश्चित किया जाए।
किसानों के प्रतिनिधि मंडल में गुलचंद्रसिंह बर्ने, अरूण पाटिल, किशोर पाटिल, मुकेश शाह, वीरेन्द्र तिवारी, प्रदीप पाटिल, गोपाल चौधरी, समर्थ चिटनिस, वैभव महाजन, स्वप्निल पाटिल, मयूर पाटिल, संदीप पाटिल, गफ्फार मंसूरी, अमोल चौधरी, योगेश मोतेकर, सचिन महाजन एवं चंदन महाजन सहित अन्य किसान व जनप्रतिनिधि शामिल थे।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें