प्रदेश पत्रिका:- बैल पोला पर्व के मौके पर बुरहानपुर के ग्राम बोरहड़ा निवास में विधि-विधान से खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने धर्मपत्नि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जयश्री पाटील व परिवारजनों के साथ बैल पूजा की। इस दौरान सांसद श्री पाटील पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। श्रीमती जयश्री पाटील ने बैल को तिलक लगाया उनकी आरती उतार और फिर गुड़ की रोटी और चावल के व्यंजन उन्हें खिलाए। पूजन से पहले बैलों का श्रृंगार किया गया था।
गौरतलब है कि भाद्रपद अमावस्या से एक दिन पूर्व किसान गाय एवं बैलों को रस्सी से आजाद कर देते हैं, इनके शरीर पर हल्दी का उबटन एवं सरसों का तेल लगाकर मालिश करते हैं। अगले दिन यानी बैल पोला के दिन गाय-बैलों को स्नान कराया जाता है। इसके बाद उनका श्रृंगार करते हैं। गले में घंटी युक्त नई माला पहनाते हैं। उनके सींगों को रंगा जाता है, उसमें धातु के छल्ले, एवं वस्त्र पहनाते हैं और माथे पर तिलक लगाकर उन्हें हरा चारा और गुड़ खिलाते हैं। कुछ क्षेत्रों में पोली नैवेद्य (चावल एवं दाल से बना विशिष्ठ पकवान व्यजंन) और गुड़वनी (गुड़ से बना पकवान) भी खिलाया जाता है। घर के सभी सदस्य बैलों के सामने हाथ जोड़कर कृषि में सह भूमिका निभाने के लिए अभार व्यक्त करते है।
पूजन के दौरान श्री दिनकर पाटील, श्री बाड़ू पाटील, श्री शिवा पाटील, श्री संतोष पाटील,श्री सुभाष तांदले,भाजपा युवा नेता श्री गजेंद्र पाटील,श्री प्रवीन गुंजाल,श्री नरेंद्र पाटिल,श्री जय पाटील,श्री शुभम पाटील,श्री मयूर पाटील, श्री देवांश पाटील, श्री राज पाटील, श्री कुणाल पाटील, श्री प्रीयम पाटील, श्री भूषण तांदले, श्री हर्षवर्धन पाटील सहित परिवारजन मौजूद रहे। सांसद श्री पाटील ने गौ वंश पालकों सहित किसानों भाइयों को पोला पर्व की शुभकामनाएं दी।





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