आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है – डॉ अनिल कुमार झंझडीवाल
प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड के चिकित्सालय में सीएमडी कमोडोर अरविंद वढेरा विशिष्ट सेवा मेडल के मार्गदर्शन और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल कुमार झंझडीवाल के चिकित्सकीय निर्देशन में निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर की शुरुआत भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। इस वर्ष की थीम जन और प्रकृति के लिए आयुर्वेद पर बोलते हुए डॉ अनिल कुमार झंझडीवाल ने कहा—“आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। यह हमें प्रकृति के साथ संतुलित रहना सिखाता है।”
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ शांतिलाल भिलावेकर ने कहा—“मानव और प्रकृति का रिश्ता अविभाज्य है, आयुर्वेद इस रिश्ते को और गहरा बनाता है। हमें जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक संसाधनों से ही वास्तविक स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।”
शिविर में डॉ वर्षा रोकड़े और डॉ रेमसिंग खरते ने 68 मरीजों की जांच कर आयुर्वेद पद्धति से उपचार किया तथा औषधियों का वितरण किया। साथ ही 24 मरीजों की शुगर जांच भी की गई। सामान्य ज्वर, श्वास, कास, अतिसार, वमन, चर्म रोग, उदर रोग सहित मरीजों के बीपी और शुगर की जांच भी की गई।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत औषधीय पौधों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में आयुष विभाग से आसिफ इकबाल, राधाकिशन मुजाल्दे, हर्षल पाटिल, सलोनी ठाकुर, विनोद खैरे और जितेंद्र उपस्थित रहे।
नेपा लिमिटेड अस्पताल की ओर से रेमो फ्रांसिस, मोहिंदर यादव, हैरिसन भंडारे, जगदीश चौहान, रिजवान शाह, शेख नफीस, वेदांत वाघमारे, ज्योति स्वामी, मुस्तरी बेगम, प्रमोद पाटिल और कांताबाई मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मसूद मशरूवाला ने किया और आभार कैलाश वर्मा ने माना।




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