कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से आहुखाना बलवाड़ टेकरी क्षेत्र में दबिश देकर कार्यवाही
जिला आबकारी अधिकारी श्री पार्थ सारथी शर्मा ने बताया कि, कार्यवाही के दौरान घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में ताप्ती नदी तथा नाले किनारे झाड़ियों में सघन तलाशी ली गई। जिसमें डिब्बों एवं कैनों में लगभग 2500 किलोग्राम तैयार महुआ लहान बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट किया। इसके अलावा 120 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जप्त कर आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कुल 8 प्रकरण दर्ज किए गए। जब्त की गई मदिरा का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2,68,000/- है।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई अक्सर अवैध शराब के खिलाफ की जाती है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो कानून व्यवस्था बनाए रखने और समाज में अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करता है।
19 सितंबर, 2025 को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आबकारी और पुलिस विभाग की एक संयुक्त कार्रवाई की गई। इस दौरान, अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया गया।
यह कार्रवाई जिले भर में कई स्थानों पर की गई, जिसमें अवैध शराब की बिक्री और निर्माण से जुड़े अड्डों पर छापे मारे गए। टीम ने कई जगहों से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की और इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
इस कार्रवाई के मुख्य उद्देश्य:
अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को रोकना: पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर उन जगहों पर छापेमारी करते हैं जहां गैरकानूनी तरीके से शराब बेची या बनाई जा रही है।
अपराध पर लगाम लगाना: अवैध शराब का कारोबार अक्सर अन्य अपराधों, जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी और हिंसक घटनाओं से जुड़ा होता है। इस तरह की कार्रवाई से इन अपराधों पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है।
राजस्व की हानि को रोकना: अवैध शराब के व्यापार से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है। संयुक्त कार्रवाई से इस नुकसान को कम करने में मदद मिलती है।
लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा: अवैध रूप से बनी शराब अक्सर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है क्योंकि इसे बिना किसी मानक के बनाया जाता है। इस पर रोक लगाकर लोगों के स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखा जाता है।
इस तरह की कार्रवाई में अक्सर ये कदम उठाए जाते हैं कार्रवाई का तरीका:
सूचना और खुफिया जानकारी इकट्ठा करना: विभाग गुप्त सूचनाओं के आधार पर उन स्थानों की पहचान करते हैं जहां अवैध गतिविधियां हो रही हैं।
कार्रवाई का तरीका: पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी मिलकर एक टीम बनाते हैं।
छापेमारी और तलाशी अभियान: टीम संदिग्ध ठिकानों, जैसे गोदाम, दुकानों और वाहनों पर अचानक छापा मारती है।
मादक पदार्थ और अन्य सामान जब्त करना: छापेमारी के दौरान अवैध शराब, इसे बनाने का सामान, और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहन जब्त किए जाते हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी: अवैध कारोबार में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाता है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाती है।
यह संयुक्त कार्रवाई दर्शाती है कि जब दो विभाग मिलकर काम करते हैं, तो वे बड़े और संगठित अपराधों पर अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रण कर सकते हैं।
यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।


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