बुरहानपुर पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी थाना प्रभारियों को शाम में पैदल गश्त करने का निर्देश दिया है।
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| बुरहानपुर पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी थाना प्रभारियों को शाम में पैदल गश्त करने का निर्देश दिया है। |
प्रदेश पत्रिका: बुरहानपुर पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी थाना प्रभारियों को शाम में पैदल गश्त करने का निर्देश दिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में 12 सितंबर को, बुरहानपुर में पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को शाम के समय अपने-अपने क्षेत्रों में पैदल गश्त करने का निर्देश दिया है।
यह पहल नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और अपराधों को रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई है। पैदल गश्त से पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित होगा, जिससे पुलिस को स्थानीय समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
पुलिस टीमों ने मुख्य चौराहों, बाजारों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अवैध जमावड़े को रोकने के लिए लोगों को समझाया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट न करने के बारे में भी जागरूक किया गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाना और अपराधियों पर नकेल कसना है।
सुरक्षा का एहसास: जब लोग पुलिस को अपने आस-पास पैदल गश्त करते देखेंगे, तो उनमें सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
अपराधियों पर दबाव: पुलिस की मौजूदगी से असामाजिक तत्व और अपराधी डरेंगे, जिससे अपराधों की संख्या में कमी आ सकती है।
लोगों से सीधा संपर्क: पैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारी सीधे आम लोगों से मिल सकेंगे और उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।
शिकायतों का तुरंत निवारण: गश्त के दौरान अगर कोई शिकायत मिलती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।


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