बुरहानपुर जिले में इन दिनों भारी बारिश के चलते बाढ़ के हालात ग्रामीण दौरे पर निकले बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह का काफिला रपटे में आई बाढ़ में फंसा....
बाढ़ में फंसे थे कलेक्टर, अधिकारियों के खिलाफ ऐसा एक्शन लिया कि खुश हो गया पूरा गांव, 30 मिनट में किया ऑन दी स्पॉट फैसला
प्रदेश पत्रिका:- बुरहानपुर जिले में इन दिनों भारी बारिश के चलते बाढ़ के हालात बने हैं। इस दौरान ग्रामीण दौरे पर निकले आईएएस हर्ष सिंह का काफिला रपटे में आई बाढ़ में फंस गए। उन्होंने निर्माणाधीन पुल की लेटलतीफी पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उनके निर्देश से ग्रामीण खुश नजर आए।
मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून मेहरबान है। झमाझम बारिश का दौर जारी है। इसी कड़ी में बुरहानपुर में जिले में भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर है। बारिश के बीच कलेक्टर अपना काफिला लेकर दौरे पर निकले थे। लेकिन उन्हें ऐसी समस्या का सामना करना पड़ा जिससे आम लोग आए दिन परेशान होते हैं।
दरअसल, कलेक्टर हर्ष सिंह अपने काफिले को लेकर सजनी दहींदा मार्ग से गुजर रहे थे। उस वक्त एक पुलिया का पानी अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते पुलिया के ऊपर से बाढ़ का पानी बहने से फंस गए। कलेक्टर और प्रशासनिक अफसर करीब 30 मिनट तक पानी उतरने का इंतजार करते रहे।
बाढ़ में फंसे कलेक्टर
प्रशासनिक अफसरों के साथ जिला कलेक्टर ग्रामीण दौरे पर निकले थे। वे दैयत परेठा क्षेत्र में जैविक खेती के कामों को देखने पहुंचे थे। इस दौरान सजनी दाहिंदा जा रहे थे। रास्ते में एक रपटे पर पानी जमा था। काफिला रपटा पार कर पाता उससे पहले ही बाढ़ का पानी बढ़ जाने से कलेक्टर अपने काफिले के साथ फंस गए। कलेक्टर ने अपने प्रशासनिक अधिकारियों को आगे बढ़ने से रोका।
अधिकारियों की मौके पर लगाई क्लास
कलेक्टर सहित प्रशासनिक अफसर करीब 30 मिनट तक पानी उतरने का इंतजार करते रहे। मौके पर कलेक्टर ने देखा कि एक पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। कार्य में देरी को देखते हुए बाढ़ में फंसे कलेक्टर ने अफसर को वहीं पर डांटना शुरू कर दिया। साथ ही निर्देशित किया कि पुल निर्माण का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर के निर्देश से ग्रामीणों में खुशी
बाढ़ में फंसे कलेक्टर ने पुल निर्माण में लगे अधिकारियों को काम पूरा करने के जो निर्देश दिए उसे पूरा गांव खुश हो गया। कलेक्टर के आदेश के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उनका कहना था कि अब कलेक्टर ने निर्देश दिया है तो जिस पुलिया का निर्माण हो रहा है वह जल्दी बन जाएगी।
कलेक्टर के साथ मौजूद नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने बताया कि पानी उतरने के बाद कलेक्टर और उनका काफिला आगे की ओर निरीक्षण करने बढ़ गया। यहां एनजीओ की ओर से हो रही प्राकृतिक खेती का निरीक्षण किया। किसानों को रासायनिक की बजाए गोबर खाद से फसलें उत्पादित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पैदावार अच्छी हो रही है। साथ ही किसानों की लागत भी घट रही है।



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