बुरहानपुर जिले के नेपानगर में जाने-माने प्रतिनिधि ( प्रकाश सिंह बैंस ) जिन्होंने पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर तय किया है। आज वे एक समर्पित राजनेता के रूप में विकसित हुए हैं
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| प्रकाश सिंह बैंस: पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर |
।। प्रदेश पत्रिका ।।
प्रकाश सिंह बैंस: पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर तय किया है। आज कांग्रेस पार्टी के नगर कांग्रेस अध्यक्ष के एक प्रमुख नेता के रूप में जाने जाते हैं ।
प्रकाश सिंह बैंस, जिन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से समाज की समस्याओं को उजागर किया, आज कांग्रेस पार्टी के एक प्रमुख नेता के रूप में जाने जाते हैं। उनकी यात्रा, जो एक पत्रकार के रूप में शुरू हुई थी, एक समर्पित राजनेता के रूप में विकसित हुए है।
पत्रकारिता की पृष्ठभूमि
पत्रकार के तौर पर काम करते हुए प्रकाश सिंह ने समाज की विभिन्न समस्याओं को गहराई से समझा, जिससे उन्हें लोगों की ज़रूरतों के लिए काम करने का मौका मिला। इसी अनुभव ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया, जहाँ वह सीधे लोगों की सेवा कर सकें।
कांग्रेस में प्रवेश और सफलताल
कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद, उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से नेपानगर में अपनी पहचान बनाई। उनकी लगन ने उन्हें नगरपालिका के उपाध्यक्ष और वर्तमान में नेपानगर कांग्रेस के नगर अध्यक्ष के पद तक पहुँचाया। वे पार्टी के प्रति अपनी गहरी निष्ठा के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने स्वयं कहा है कि वे पार्टी के एक "सिपाही" हैं और पार्टी के किसी भी निर्णय का सम्मान करते हैं।
नेतृत्व क्षमता और समाजसेवा
प्रकाश सिंह बैंस अपनी नेतृत्व क्षमता और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। वे हमेशा अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए तैयार रहते हैं। वे न केवल राजनीति में बल्कि राजपूत समाज और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। उनकी इस सक्रियता ने उन्हें समाज के सभी वर्गों के बीच एक लोकप्रिय चेहरा बना दिया है।
14 सितंबर 2025 को जन्मदिन समारोह का यादगार पल
उनके जन्मदिन को धूमधाम से मनाया गया, जिसमें कई गणमान्य व्यक्तियों जैसे ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित, अनिल बाईसकर, विवेक राठौर, और भारती पाटिल ने भाग लिया। इस समारोह में उन्हें फूल-मालाएँ पहनाई गईं और केक काटकर उनके प्रति सम्मान और प्यार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर कई युवा भी उपस्थित थे जो उनके मार्गदर्शन से प्रेरित हैं।
यह समारोह प्रकाश सिंह बैंस के प्रति समुदाय के सम्मान, उनके नेतृत्व और समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह एक प्रेरणादायक कहानी है जो युवाओं को समाज और राजनीति में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती है।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में कांग्रेस का एक ऐसा नेता जो किसी भी गुटबाजी से दूर होकर केवल कांग्रेस का काम कर रहा है। सबसे साथ लेकर चलने वाले प्रकाश सिंह बैस ने कांग्रेसियों के साथ मिलकर नेपानगर पालिका परिषद में 10 वर्षों से सत्ता में जमीं भाजपा को उखाड़ फेंका तो कांग्रेस ने उन्हें नेपानगर के नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। जिम्मेदारी मिलते ही प्रकाश सिंह बैस ने अपने कार्यकाल में कांग्रेस को श्रमिक संघ चुनाव व वार्ड नंबर 23 के पार्षद चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाई। पत्रकार के तौर पर शुरूआत कर वे नेपा दर्पण के संपादक रहे।
जबकि कई बड़े अखबारों के लिए संवाददाता का काम किया। नेपा प्रेस क्लब के प्रधान सचिव रहने के साथ ही श्रमजीवी पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष भी रहे। इसके बाद राजनीति को सेवा के तौर पर लिया और लगातार कांग्रेस के लिए काम किया।
जिले की कांग्रेस की गुटबाजी से दूर रहकर काम कर रहे प्रकाश सिंह बैस के जिला स्तर के सभी नेताओं से मधुर संबंध है। प्रदेश स्तर में वे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन के खास है। जबकि पूर्व मंत्री स्व. तनवंतसिंह कीर, स्व. ठा. शिव कुमार सिंह के भी खास रहे थे वर्तमान में ग्रामीण जिला अध्यक्ष रविंद महाजन और रिंकू टाक से सदैव मधुर और आत्मीय संबंध रहे हैं। वे कांग्रेस पार्टी के सर्वमान्य कार्यकर्ता, सबके हमसफर और सहयोगी नेता के रूप में जाने जाते हैं। अपने सरल स्वभाव और निष्पक्ष कार्यशैली के कारण उन्होंने कार्यकर्ताओं से लेकर बड़े नेताओं तक सभी के दिलों में स्थान बनाया है।
पूर्मंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें नेपानगर की प्रथम परिषद के लिए नामांकित पार्षद बनाया, इसके बाद वे प्रथम निर्वाचित परिषद में भी पार्षद रहे और नगर परिषद नेपानगर के प्रथम उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। यही से उनका संगठनात्मक सफर और अधिक मजबूत हुआ।
श्रमिक संघ नेपानगर के चुनाव में भी उन्होंने संगठन को मजबूती दी। बड़े विरोध और दबाव के बावजूद उन्होंने श्रमिक संघ की कार्यकारिणी का गठन कराया। उनके साथियों में लालचंद पटेल, सोहन सैनी, जगमीत सिंह जॉली, विजेता चौहान, भारतीय पाटिल, विनोद पाटिल और पूर्व विधायक चौधरी सहित कई नेता हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं।
उनकी सबसे बड़ी पहचान कर्मचारी हितैषी और आम जनता के साथी की है। वे हर किसी के सुख-दुख में परिवार की तरह खड़े रहते हैं। विरोधी भी उनके सहज और सहयोगी स्वभाव के कायल हैं।







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