बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय के सामने सहकारिता कर्मचारियों ने हड़ताल के तीसरे दिन नारेबाजी कर जताया विरोध ।
प्रदेश पत्रिका : जिला कलेक्टर बुरहानपुर कार्यालय के सामने सहकारिता कर्मचारियों ने हड़ताल के तीसरे दिन नारेबाजी कर जताया विरोध करता विजय राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 वर्षों से साफ सुथरी मांगे हैं हमारी तीसरी मांग है कि बैंकों में 60% संस्था कर्मचारियों कि भारती की जाए।जिले के पावन समिति के करीब 350 कर्मचारी है जिन्होंने कम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है।जिसके कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है और लोगों को राशन का वितरण भी नहीं हो रहा है जिसके कारण हम लोगों को इसका सामना करना पड़ रहा है कर्मचारी यों का कहना है कि 25 सितंबर तक हम धरना प्रदर्शन पर रहेंगे 26 सितंबर को हम भोपाल कम एम हाउस का घेराव करेंगे ।
मध्य प्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बुरहानपुर में सोमवार से 350 सहकारिता कर्मचारी और कंट्रोल दुकान संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
जिलाध्यक्ष विजय राठौर ने कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगों का उल्लेख किया। पहली मांग है कि 60 प्रतिशत संस्था कर्मचारियों का जिला बैंक में चयन प्रक्रिया के माध्यम से समिति प्रबंधकों की कैडर भर्ती की जाए। दूसरी मांग में अक्टूबर 2023 से उचित मूल्य दुकान प्रति विक्रेता का 18 माह का 54 हजार रुपए मानदेय का भुगतान शामिल है।
तीसरी मांग सभी पैक्स संस्थाओं में सहकारिता व पंजीयक के आदेशानुसार बढ़े हुए वेतन का तत्काल भुगतान है।
पैक्स कर्मचारी महासंघ ने 8 से 25 सितंबर तक अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल की घोषणा की है। 26 सितंबर को भोपाल में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।
हड़ताल का सीधा असर जिले के राशन वितरण और किसानों को मिलने वाली खाद की उपलब्धता पर पड़ेगा। सहकारिता कर्मचारी इन दोनों सेवाओं के वितरण का कार्य करते हैं। हड़ताल के कारण आम नागरिकों और किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


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