प्रदेश पत्रिका:- बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने बुरहानपुर के द्वारकापुरी स्थित निवास पर अपने परिजनों सहित श्री गणेश जी की मिट्टी से निर्मित पार्थिव प्रतिमा का विसर्जन एक बड़े गमले में ही किया। श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि, इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर हम सबने भक्ति भाव से गणपति बप्पा का परिवार में स्वागत कर बप्पा को विराजित किया। हमारे घर में, बेटी नम्रता ने अपने हाथों से घर की मिट्टी से गणेश जी की सुंदर प्रतिमा बनाई, जिनकी हमने पूरे विधि-विधान से स्थापना की।
गणेश जी वैसे तो अनंत चतुर्दशी तक हम सबके साथ रहते हैं, लेकिन भक्त अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार 3, 5, 7 या पूरे 10 दिनों तक उनकी आराधना करते हैं। इस वर्ष, हमने सात दिनों के बाद घर पर ही उनका विसर्जन करने का निर्णय लिया। हमने एक साफ पात्र (गंगाल) में शुद्ध जल भरकर उसमें गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जित किया।
गणेश जी के आशीर्वाद से युक्त उस पवित्र मिट्टी और जल को हमने घर के आंगन में लगी तुलसी सहित सभी पेड़-पौधों में प्रवाहित कर दिया। यह तरीका हमें यह सिखाता है कि हम अपने पर्व और परंपराओं को प्रकृति के साथ जोड़कर मना सकते हैं। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि हमारी नदियां और जल स्रोत हमारी जीवन रेखा हैं। इनकी पवित्रता बनाए रखना, हम सब का परम कर्तव्य है। हमें इस बात का संकल्प लेना चाहिए कि हमारे हर पर्व और परंपराएं पर्यावरण के अनुकूल हों।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने आगे कहा कि आइए, हम सब मिलकर गणपति बप्पा से यह प्रार्थना करें कि वे हमें इतनी शक्ति और सामर्थ्य दें कि हम अपनी प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा कर सकें। हम यह प्रण लें कि अपनी आस्था के साथ-साथ प्रकृति को भी सहेजेंगे और स्वच्छ रखेंगे।




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