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नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक संपन्न...

प्रदेश पत्रिका:- नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक सोमवार को नेपा क्लब में संपन्न हुई। इसमें नगर स्थित शासकीय कार्यालयों, उपक्रमों और राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तेलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके उपरांत समिति से संबद्ध कार्यालयों और उपक्रमों में पिछली छमाही में किए गए हिंदी कार्यों की समीक्षा जन संपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने प्रस्तुत की।निदेशक वित्त प्रदीप कुमार नाइक ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजभाषा हिंदी भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द्र की सबसे सशक्त कड़ी है। उन्होंने कहा कि मेरी शिक्षा और परवरिश उड़िया भाषा में हुई, किंतु हिंदी में भी मैं उतना ही सहज महसूस करता हूं। अब यह धारणा बदल रही है कि अंग्रेजी बोलने वाले ही अधिक प्रतिभाशाली होते हैं। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष राम अलागेसन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि मेरी शिक्षा-दीक्षा तमिल भाषा में हुई है, इसके बावजूद हिंदी को मैंने हमेशा सहज और सरल पाया है। हिंदी देश को जोड़ने वाली भाषा है और यही भारतीयता और देशभक्ति की भावना जगाती है। प्रबंधक विपणन प्रशांत कुमार बैथालू ने कहा कि मेरा जन्म नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जन्मभूमि कटक में हुआ है। बचपन से ही नेताजी का नारा “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” मुझे प्रेरित करता रहा।

नेपानगर की माटी ने मुझे हिंदी में संप्रेषण की सहजता दी है, जिसके लिए मैं आजीवन ऋणी रहूंगा। सुरक्षा विभागाध्यक्ष संजय पवार ने कहा कि हिंदी के गौरव को बढ़ाने वाले इस आयोजन के लिए समिति बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि हमें कार्यस्थल के साथ घर-परिवार और सामाजिक जीवन में भी हिंदी का अधिक प्रयोग करना चाहिए। नेपा मिल्स श्रमिक संघ अध्यक्ष प्रवीण सोनी ने कहा कि हिंदी मजदूर और अफसर, दोनों को जोड़ने वाली भाषा है। यही वह सेतु है जो सबको समानता और सहयोग के सूत्र में पिरोता है। हिंदी का सम्मान करना, मेहनतकश समाज का सम्मान करना है। केंद्रीय विद्यालय के हिंदी शिक्षक भगवतीलाल भील ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु आयोजन हो रहे हैं, पर विडंबना यह है कि हिंदी भाषी राष्ट्र में भी इसकी आवश्यकता पड़ रही है।
ऐसे आयोजन केवल औपचारिकता न रहकर व्यवहारिक जीवन का हिस्सा बनें। बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक अनिल कुमार नागलिया ने कहा कि ग्राहकों से संवाद और कार्यप्रणाली दोनों में हिंदी सबसे सहज भाषा है। बैंक सदैव अपने ग्राहकों को हिंदी में सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएमडी के तकनीकी सचिव प्रशांत सोनी ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित सभी क्षेत्रों में हिंदी उपयोगी सिद्ध हुई है। यदि भाषा की क्लिष्टता कम कर दी जाए और इसे आधुनिकता के साथ जोड़ा जाए तो यह और अधिक प्रभावी सिद्ध होगी।

कार्यक्रम का संचालन जन संपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने किया और आभार औद्योगिक संरक्षा विभाग के परामर्शदाता किशन पटेल ने माना। 

इस अवसर पर उप महाप्रबंधक कार्य सुरेंद्र मेहता, वरिष्ठ प्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन ज्ञानेश्वर खैरनार, प्रबंधक यांत्रिकी महेंद्र केसरी, प्रबंधक पेपर मशीन कुमार देशमुख, प्रबंधक विद्युत किशोर महाजन, प्रबंधक आईटी संजीव कानडे, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार झंझडीवाल, उप प्रबंधक वित्त एवं लेखा सी. एन. वर्मा, कंपनी सचिव निधि मिश्रा, देवेंद्र महोबे, रामबिलास रघुवंशी, आशुतोष मिश्रा, शिरीष येलवनकर, राजेंद्र चौधरी, मणिलाल पाटिल, सुषमा गौर, अग्निशमन अधिकारी उदेश नकुल, अनीस मंसूरी सहित बड़ी संख्या में नेपा लिमिटेड सहित नेपानगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केंद्रीय विद्यालय, मुख्य डाकघर, दूरभाष केंद्र, जिला सहकारी बैंक मर्यादित और नेपानगर रेलवे स्टेशन के अधिकारी समिति के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।


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