प्रदेश पत्रिका:- शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान देकर बुरहानपुर को नई पहचान दिलाने वाले श्री आनंद प्रकाश चौकसे और उनके पुत्र श्री कबीर चौकसे आज निमाड़ की शान बन चुके हैं। चौकसे परिवार की दूरदृष्टि और समर्पण का परिणाम है मैक्रो विज़न एकेडमी, जिसने बुरहानपुर जैसे छोटे शहर को महानगरों की तर्ज पर आधुनिक और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराई तथा विद्यार्थियों को IIT–JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी ऑल इज वेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने पूर्वी–पश्चिमी निमाड़, खानदेश और विदर्भ क्षेत्रों तक अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
कैथलैब, सीटी स्कैन, एमआरआई, न्यूरो माइक्रोस्कोप, डायलिसिस मशीनें, क्यूबिकल आईसीयू, नियोनेटल वेंटीलेटर जैसी अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के सहयोग से यह अस्पताल हजारों मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इन दोनों संस्थानों से आज लगभग 4000 लोग प्रत्यक्ष–अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार पा रहे हैं, जबकि रोजगार सृजन की नई पहल के तहत 500 महिलाओं को सिलाई उद्योग से जोड़ने की योजना कार्यान्वित की जा रही है। शिक्षा से ज्ञान, स्वास्थ्य से विश्वास और रोजगार से आत्मनिर्भरता जोड़कर श्री आनंद प्रकाश चौकसे और श्री कबीर चौकसे मिलकर बुरहानपुर और निमाड़ को कोहिनूर की तरह चमकाने की दिशा में अग्रसर हैं। सचमुच, आधुनिक युग में तकनीक और संकल्प से तस्वीर बदली जा सकती है, और इसे साकार कर दिखाया है निमाड़ के जुगनू श्री आनंद प्रकाश चौकसे व श्री कबीर चौकसे ने।


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