सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बुरहानपुर जिले के नेपानगर में, नेपा लिमिटेड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने 1665 एकड़ वन भूमि को राजस्व भूमि में बदलने की मांग को लेकर शुक्रवार को एक रैली निकाली और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

 

 


आज दिनांक 24 अक्टूबर 2025 को  बुरहानपुर के नेपानगर में नेपा लिमिटेड के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने 1665 एकड़ वन भूमि को राजस्व भूमि में बदलने की मांग को लेकर शुक्रवार को रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। सुबह सेवानिवृत्त कर्मचारी नेपा मिल गेट के पास एकत्रित हुए और वहां से रैली निकालते हुए नेपा मिल के एडमिन ऑफिस पहुंचे।

इस कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

​मांग: सेवानिवृत्त कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि नेपा लिमिटेड से संबंधित 1665 एकड़ वन भूमि को राजस्व भूमि घोषित किया जाए।

​प्रदर्शन: कर्मचारियों ने सुबह नेपा मिल गेट के पास इकट्ठा होकर रैली शुरू की एवं वहां से निकलकर अंबेडकर चौराहा पर जाकर एकत्रित हुए

​ज्ञापन: रैली नेपा मिल के एडमिन ऑफिस तक गई, जहां कर्मचारियों ने अपनी मांग से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

यहां कर्मचारियों ने डीजीएम सुरेंद्र मेहता को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद सभी अंबेडकर चौराहा पहुंचे और नेपानगर तहसीलदार आई.एस. गनावा को भी ज्ञापन दिया।

संगठन के अध्यक्ष सौजन्य तिवारी और सचिव राजाराम पटेल ने बताया कि नेपा लिमिटेड को केंद्र सरकार द्वारा 1762 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। इसमें से 107 एकड़ भूमि कारखाने की है, जबकि शेष 1665 एकड़ भूमि पर कर्मचारियों के आवास बने हुए हैं, जो अभी वन भूमि के रूप में दर्ज है।


कर्मचारियों की मांग है कि यह भूमि वन विभाग से लेकर राज्य सरकार नगर पालिका को सौंपे, ताकि इसे कर्मचारियों और श्रमिकों को लीज पर आवंटित किया जा सके।

संगठन का कहना है कि भूमि के राजस्व क्षेत्र में आने से नेपानगर के विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे सरकारी लाभ मिल सकेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्वास्थ्य और व्यापारिक सुविधाएं बेहतर होंगी और वन विभाग के नियमों से मुक्ति मिलने के बाद लोग अपने घर और व्यवसाय को विकसित कर सकेंगे।

यह मांग संभवतः कर्मचारियों के आवासीय पट्टों या अन्य अधिकारों से संबंधित है, जैसा कि पूर्व में भी आवास लीज पर दिए जाने की मांग सामने आई थी। वन भूमि के राजस्व भूमि में परिवर्तित होने से उस पर मालिकाना हक़, पट्टे या अन्य निर्माण संबंधी कार्य आसान हो सकते हैं।

आप देख रहे 👇



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नेपा लिमिटेड में ज्ञानेश्वर खैरनार को संपदा अधिकारी नियुक्त किया गया.!

                प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) ज्ञानेश्वर खैरनार को लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम-1971 के अंतर्गत टाउनशिप प्रशासक नियुक्त किया गया हैं। वे उक्त अधिनियम की धारा 3 के तहत संपदा अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगें। ज्ञात हो कि, नेपा लिमिटेड में पिछले लगभग एक वर्ष से यह पद रिक्त था। इस नियुक्ति के साथ, ज्ञानेश्वर खैरनार लोक परिसर अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे और इसके अधीन अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेंगे। इस नियुक्ति पर सीएमडी राकेश कुमार चोखानी सहित पूरे नेपा लिमिटेड परिवार ने ज्ञानेश्वर खैरनार को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।      आप देख रहे हैं 👇

नगर में नगर पालिका अध्यक्ष पति विनोद पाटिल और पार्षद पति कैलाश पटेल में मनमुटाव की चर्चा।

 वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका से स्वच्छता मिशन के अंतर्गत हुई खरीदी का पूरा विवरण। वार्डक्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल प्रदेश पत्रिका:- नेपानगर, दिनांक 18 मार्च 2025 - नगर पालिका परिषद नेपानगर के वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका प्रशासन से वर्ष 2023 और 2024 में स्वच्छता मिशन के तहत खरीदे गए सभी उपकरणों का लिखित ब्यौरा देने की मांग की है। नगर पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान  के तहत हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन नगर में सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि पिछले दो वर्षों में स्वच्छता मिशन के तहत कितनी राशि खर्च हुई, किन-किन उपकरणों की खरीदी हुई, उनकी गुणवत्ता क्या है, वे वर्तमान में कहां उपयोग हो रहे हैं, और उनके रखरखाव की क्या व्यवस्था है। पार्षद सपना कैलाश पटेल  ने प्रशासन को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर यह जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर के नागरिकों को यह जानने का हक है कि स्वच्छता अभियान के लिए दिए गए सरकारी बजट का सही उपयोग हुआ ह...

8 फरवरी से राशन कार्ड धारकों को मिलेगा बड़ा फायदा! जानें नया नियम!

भारत सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जो 8 फरवरी 2025 से लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत प्रदान करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस नई पहल के तहत, राशन कार्ड धारकों को न केवल मुफ्त राशन मिलेगा, बल्कि उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह योजना देश के करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इस लेख में, हम आपको इस योजना के सभी पहलुओं की जानकारी देंगे, जैसे कि इसके लाभ, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, और आवेदन प्रक्रिया। साथ ही, हम यह भी समझेंगे कि यह नया नियम किस तरह से राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएगा। राशन कार्ड योजना 2025 का मुख्य विवरण नीचे दिए गए टेबल में इस योजना का एक संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया गया है:  योजना के लाभ इस नई योजना के तहत लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी: मुफ्त राशन: पात्र परिवारों को हर महीने मुफ्त अनाज (चावल और गेहूं) मिलेगा। आर्थिक सहायता: प्रत्येक परिवार को हर महीने ₹1000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएग...