नेपानगर नागरिक साख सहकारी संस्था में हुए 8.85 करोड़ रुपए के घोटाले के एक और फरार आरोपी विजय प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बुरहानपुर एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार ने आरोपी पर 3,000 रुपए का इनाम घोषित किया था।
नेपानगर नागरिक साख सहकारी संस्था घोटाला मामले से संबंधित एक महत्वपूर्ण अपडेट है।
नेपानगर नागरिक साख सहकारी संस्था में हुए 8.85 करोड़ रुपए के घोटाले के एक और फरार आरोपी विजय प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बुरहानपुर एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार ने आरोपी पर 3 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
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नेपानगर नागरिक साख सहकारी संस्था भर्यादित नेपानगर (म.प्र.) |
गिरफ्तारी: घोटाले के एक और फरार आरोपी विजय प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इनाम: बुरहानपुर एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार ने आरोपी पर 3 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
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| फरार आरोपी विजय प्रकाश शर्मा |
प्रक्रिया: नेपा थाना पुलिस ने गुरुवार को विजय प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया गया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में कुल 16 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने बताया कि सहकारिता विभाग की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ था। अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी सुभाष यादव की मौत हो चुकी है। तत्कालीन प्रबंधक शैलेष मांडले अभी भी फरार है।
मामले की स्थिति:
कुल आरोपी: 16
गिरफ्तार आरोपी: 13
मृत आरोपी: 1 (सुभाष यादव)
फरार आरोपी का नाम : विजय प्रकाश शर्मा थे जो अब गिरफ्तार हो गए हैं, और तत्कालीन प्रबंधक शैलेष मांडले अभी भी फरार है)।
घोटाले का विवरण:
संस्था: नेपानगर नागरिक साख सहकारी समिति
समय अवधि: 2017 से 2022 के बीच
गबन की राशि: 8 करोड़ 85 लाख 83 हजार 329 रुपए 65 पैसे
FIR: दिसंबर 2022 में सहकारिता विभाग की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था।
प्रभावित जमाकर्ता: संस्था में करीब 600 से अधिक जमाकर्ताओं का पैसा जमा है।
आगे की कार्रवाई: उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामला: यह मामला सहकारिता विभाग की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
यह घोटाला नेपानगर नागरिक साख सहकारी समिति में साल 2017 से 2022 के बीच हुआ था। इसमें कुल 8 करोड़ 85 लाख 83 हजार 329 रुपए 65 पैसे का गबन सामने आया था।
दिसंबर 2022 में सहकारिता विभाग ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। संस्था में करीब 600 से अधिक जमाकर्ताओं का पैसा जमा है।



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