राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में रेणुका कृषि उपज मंडी में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों के लिए स्थान आरक्षित कलेक्टर श्री हर्ष सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अन्तर्गत जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित कि गई
मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री हर्ष सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अन्तर्गत जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित रही। बैठक में बताया गया कि, जिले को प्राकृतिक खेती के लिए 20 क्लस्टर बनाने हेतु लक्ष्य मिले है, जिसके अन्तर्गत 2500 किसान प्राकृतिक खेती करेंगे।
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि, जिले में रेणुका कृषि उपज मंडी में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के उत्पाद के लिये मंडी प्रांगण में स्थान आरक्षित करने, प्राकृतिक खेती हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों का मध्यप्रदेश राज्य जैविक प्रमाणिकरण संस्था में पंजीयन कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। वहीं कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि, प्राकृतिक खेती प्रांरभ करने वाले किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देवें।
बैठक में कलेक्टर ने उपस्थित प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से संवाद भी किया, उन्होंने कहा कि, आप अपने अन्य किसान साथियों को भी प्राकृतिक खेती करने के लिये प्रेरित करें। बैठक में आत्मा एवं कृषि विभाग का समस्त अमला अपने-अपने क्लस्टर के किसानों से सतत् सम्पर्क में रहकर प्राकृतिक खेती की सुनिश्चित्ता करेंगे। वहीं बायो रिसोर्स सेंटर स्थापित करने वाले कृषकों को तकनीकी रूप से सहयोग करने एवं सत्यापन कर अग्रिम कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।
यहाँ बैठक के मुख्य बिंदुओं का सारांश दिया गया है:
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन: जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक का सार
मुख्य निर्णय और लक्ष्य
अध्यक्षता: कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने की।
लक्ष्य: जिले को प्राकृतिक खेती के लिए 20 क्लस्टर बनाने का लक्ष्य मिला है।
किसान भागीदारी: इन 20 क्लस्टरों के तहत 2500 किसान प्राकृतिक खेती करेंगे।
कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देश
बाजार सुविधा: रेणुका कृषि उपज मंडी में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों के लिए स्थान आरक्षित किया जाए।
पंजीकरण: प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का मध्यप्रदेश राज्य जैविक प्रमाणिकरण संस्था में पंजीयन कराना सुनिश्चित किया जाए।
प्रोत्साहन और प्रशिक्षण: किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। प्राकृतिक खेती शुरू करने वाले किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए।
कर्मचारी सहयोग: आत्मा और कृषि विभाग का अमला अपने-अपने क्लस्टर के किसानों से सतत् संपर्क में रहकर प्राकृतिक खेती की सुनिश्चित्ता करेगा।
किसानों से संवाद
कलेक्टर ने उपस्थित किसानों से संवाद किया और उन्हें अपने अन्य किसान साथियों को भी प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित करने को कहा।
बायो रिसोर्स सेंटर
बायो रिसोर्स सेंटर स्थापित करने वाले कृषकों को तकनीकी रूप से सहयोग करने और सत्यापन कर अग्रिम कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
यह जानकारी राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को जिले में सफल बनाने के लिए प्रशासन की सक्रियता और कार्य योजना को दर्शाती है।



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