कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के निर्देशानुसार, औषधी निरीक्षक बुरहानपुर ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित और अवमानक औषधियों की उपलब्धता और फार्मासिस्ट की उपस्थिति की जांच की।
कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के निर्देशानुसार औषधी निरीक्षक बुरहानपुर द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंधित तथा अवमानक औषधियों की उपलब्धता तथा फार्मासिस्ट की उपस्थिति के संबंध में जांच की गयी। औषधी निरीक्षक द्वारा दर्यापुर में योगिराज मेडिकल, श्री लक्ष्मीधाम फार्मेसी, श्री सांई मेडिकल तथा ग्राम सिरपुर में आरोही मेडिकल, शुभम मेडिकल, चौहान मेडिकल, धैर्य फार्मेसी पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया।
इस दौरान सभी मेडिकल दुकानों पर फार्मासिस्ट उपस्थित रहे, वहीं स्टॉक की जांच करने पर कोई अवमानक या प्रतिबंधित फिक्स डोज कॉम्बिनेशन की दवाई नहीं पायी गई।
सभी फार्मासिस्ट को निर्देशित किया गया कि, आरएमपी डॉक्टर के पर्चे पर ही शेड्यूल दवाईयों का विक्रय करे एवं खरीद बिक्री के बिल व्यवस्थित रखें।
🔍 जांच किए गए स्थान
औषधी निरीक्षक ने निम्नलिखित मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया:
दर्यापुर में:
योगिराज मेडिकल
श्री लक्ष्मीधाम फार्मेसी
श्री सांई मेडिकल
ग्राम सिरपुर में:
आरोही मेडिकल
शुभम मेडिकल
चौहान मेडिकल
धैर्य फार्मेसी
✅ मुख्य निष्कर्ष
निरीक्षण के दौरान, सभी मेडिकल दुकानों पर फार्मासिस्ट उपस्थित पाए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा बताया गया कि, जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को सूचित किया जाता है कि, फार्मेसी अधिनियम 1948 की धारा 42 में चिन्हित प्रावधानों के अनुसार मेडिकल प्रेक्टिशनर के प्रिस्किपशन पर केवल पंजीकृत फार्मेसिस्ट के द्वारा ही दवाईयाँ वितरित की जाना है।
किसी गैर पंजीकृत व्यक्ति के द्वारा दवाईंयो का डिस्पेंस अथवा विक्रय होना पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर पर फॉर्मेसी एक्ट 1948 के तहत कानूनी कार्यवाही की जावेगी, जिसमें 3 माह तक की सजा तथा दो लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनो एक साथ होने का प्रावधान है। अनियमितता पाये जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर का लायसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।



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