मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले मे कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के निर्देशानुसार भावान्तर योजना’’ तहत सोयाबीन कृषकों को जागरूक करने के लिए एवं प्रत्येक कृषक तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिये एक अभियान चलाया जा रहा है। 17 अक्टूबर तक बुरहानपुर के 108 ग्रामों और खकनार विकासखंड के 130 ग्रामों में चौपाल लगायी जायेगी।
प्रदेश पत्रिका: कृषकों के लिये जिले में ‘‘भावान्तर योजना’’ संचालित की जा रही है। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह के निर्देशानुसार सोयाबीन उत्पादक कृषकों को जागरूक करने के लिए एवं प्रत्येक कृषक तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिये कार्य किये जा रहे है। कलेक्टर ने कृषि विभाग को पंजीयन बढ़ाने के निर्देश दिये है ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सकें।
जिले में भावान्तर योजना के तहत किसानों को जागरूक करने के लिए एवं कोई भी सोयाबीन उत्पादक किसान योजना से वंचित नहीं रहे इस हेतु जिले के 238 ग्रामों में कृषि, सहकारिता, राजस्व, ग्रामीण विकास सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा चौपालों का आयोजन किया जायेगा।
17 अक्टूबर तक बुरहानपुर के 108 ग्रामों और खकनार विकासखंड के 130 ग्रामों में चौपाल लगायी जायेगी। इसी कड़ी में शनिवार को ग्राम लोनी, एमागिर्द, मचलपुरा, खातला, सुक्ता खुर्द, दर्यापुर, डोंगरगांव, गोलखेड़ा, डोईफोड़िया, मोडखेड़ा कला, सिरपुर, नावरा, परेठा, सारोला, खकनार कला, तुकईथड़, देडतलाई और सीवल इत्यादि ग्रामों में ‘‘भावान्तर योजना’’ के तहत चौपालों का आयोजन किया गया। चौपाल में कृषकों को बताया गया कि वे किस प्रकार से भावांतर योजना में पंजीयन कराकर मंडी में उपज विक्रय कर उचित दाम प्राप्त कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
चौपाल में कृषकों को ‘‘भावान्तर योजना’’ के साथ-साथ काम्प्लेक्स उर्वरकों का उपयोग कर यूरिया उर्वरक की खपत 30 प्रतिशत तक कम कैसे करें, गेंहू एवं चना की नवीन किस्मों का उपयोग करने, एमपी किसान एप के माध्यम से विभिन्न योजनाओ में पंजीयन कर लाभ प्राप्त करने सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दी गयी। उपसंचालक कृषि श्री देवके ने जानकारी दी कि ‘‘भावान्तर योजना’’ के तहत 53 किसानों ने पंजीयन कराया है।
भावान्तर योजना (मूल्य न्यूनता भुगतान योजना) क्या है?
भावान्तर योजना (Bhavantar Bhugtan Yojana) एक मूल्य सुरक्षा योजना है जिसे मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन (और पहले अन्य फसलों) के किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने के लिए लागू किया है।
कार्यप्रणाली: इस योजना के तहत, यदि किसान अपनी सोयाबीन की फसल को मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बेचता है, तो सरकार MSP और किसान के विक्रय मूल्य के बीच के अंतर (भावान्तर) की राशि का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में (DBT-Direct Benefit Transfer) के माध्यम से करती है।
पंजीयन: इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर अपनी सोयाबीन फसल का पंजीयन कराना अनिवार्य है। वर्तमान में, सोयाबीन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि भी 17 अक्टूबर है।
लाभ: यह योजना किसानों को बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले नुकसान से बचाती है और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने में मदद करती है।



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