नेपानगर क्षेत्र के ग्राम चांदनी के लोग करीब दो साल से बेहतर कनेक्टिविटी न मिलने से परेशान हो रहे हैं। न तो उन्हें ट्रेन की सुविधा मिल पा रही है न ही बस की। दरअसल दो साल पहले रेलवे ने कुछ स्टेशनों पर पैसेंजर ट्रेन का स्टापेज बंद कर दिया। इसमें चांदनी रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इसके बाद से यहां के लोग बसों पर निर्भर हो गए, लेकिन बसें भी यहां नहीं रूक रही है। इसे लेकर सोमवार को ग्राम के लोगों ने आक्रोश जताया। उनका कहना है कि कई बार परिवहन विभाग को भी अवगत कराया गया है, लेकिन फिर भी चांदनी में बसें नहीं आ रही है। नेपानगर से प्रतिदिन कई बसें बुरहानपुर की ओर जाती है, लेकिन यह चांदनी गांव के बाहर से ही नेपा, रतागढ़, बोरसल होते हुए बुरहानपुर चले जाती है। ग्रामीण नारायण देशमुख के अनुसार गांव से रेलवे लाइन होकर गुजरती है। यहां रेलवे स्टेशन भी है, लेकिन सवारी गाड़ी नहीं रूकती। सड़क मार्ग है, लेकिन बसें नहीं आती। खंडवा बुरहानपुर की बसें बायपास होकर निकल जाती है। ग्रामीण परेशान हैं कि यात्रा करें तो कैसे करें। लोगों को चार किमी दूर रतागढ़, बोरसल जाना पड़ता है तब बस मिलती है।
ग्रामीणों ने ट्रेन, बस कनेक्टिविटी न होने पर आक्रोश जताया
पैसेंजर को एक्सप्रेस बनाने से बढ़ी परेशान
रेलवे ने पैसेंजर ट्रेन को एक्सप्रेस बनाकर इसका किराया भी बढ़ाया। दो साल पहले की गई। इस कवायद के दौरान चांदनी रेलवे स्टेशन पर भी पैसेंजर का स्टापेज बंद कर दिया गया। इसके बाद से स्थानीय ग्रामीण खासे परेशान हैं, क्योंकि वह पहले कम किराये में ही पैसेंजर ट्रेन से
अंडरपास होने के बाद भी नहीं आ रही बसें
ग्रामीणों के अनुसार गांव में दो अंडरपास हैं। यहां से आसानी से बस आ जा सकती है, लेकिन इसके बाद भी ऐसा नहीं हो रहा है। बस रतागढ़ से सीधे बोरसल निकल जाती है। ट्रेन का स्टापेज पहले से ही स्थगित है। इंदौर की केवल
आवागमन करते थे। लेकिन अब आर्थिक खर्च भी बढ़ गया है। बसों से सफर जहां मंहगा हुआ है तो वहीं बस गांव में न आने से परेशानी अलग हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि इस समस्या का निराकरण होना चाहिए, क्योकि काफी लोग इस समस्या से परेशान हो रहे हैं।
एक बस ही रूकती है जबकि दूसरी नहीं रूकती। इसे लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने परिवहन विभाग से भी मांग की थी, लेकिन फिर भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों की मांग है कि बस रतागढ़ से होकर चांदनी आए।
कोरोना के समय से नेपानगर में दो यात्री ट्रेनों के स्टापेज स्थगित हैं। यहां महानगरी, कलकत्ता मुंबई हावड़ा एक्सप्रेस का स्टापेज हुआ करता था, लेकिन कोरोना के बाद से इसे अब तक दोबारा चालू नहीं किया गया है। जबकि इससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। यात्रियों की ओर से लगातार मांग की जा रही है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। वहीं कई यात्री ट्रेनों के भी स्टापेज की मांग की जा रही है, लेकिन फिर भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पुलिया निर्माण के कारण समस्या बरकरार
नेपानगर में पांधार पुल का निर्माण हो रहा है। इसके कारण यहां से छोटे बड़े वाहन तो निकल रहे हैं, लेकिन बसें नहीं निकल पा रही है। इसका काम कुछ समय पहले ही चालू हुआ है, लेकिन यह अभी प्रारंभिक स्तर पर ही है। ऐसे में करीब सालभर तक आमजन को और परेशान होना पड़ सकता है। इधर, इंदौर इच्छापुर हाईवे का निर्माण भी चल रहा है। असीरगढ़ रोड बनने के कारण भी चांदनी गांव से बसें नहीं निकल रही है।


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