बुरहानपुर शहर में डायरिया का प्रकोप देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में शहर के आठ वार्डों से 40 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। पार्षदों ने इस प्रकोप का कारण दूषित पानी बताया है। 20 से अधिक बच्चे (जिन्हें पीआईसीयू वार्ड में रखा गया है)। अन्य मरीज (मेडिकल वार्ड में भर्ती हैं)।
बुरहानपुर शहर में डायरिया का प्रकोप देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में शहर के आठ वार्डों से 40 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें 20 से अधिक बच्चे शामिल हैं, जिन्हें पीआईसीयू वार्ड में रखा गया है, जबकि अन्य मरीज मेडिकल वार्ड में भर्ती हैं। पार्षदों ने इस प्रकोप का कारण दूषित पानी बताया है।
🏥 डायरिया प्रकोप की स्थिति
मामले: पिछले 24 घंटों में 40 से अधिक लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
मरीजों का वर्गीकरण: 20 से अधिक बच्चे (जिन्हें पीआईसीयू वार्ड में रखा गया है)। अन्य मरीज (मेडिकल वार्ड में भर्ती हैं)।
प्रभावित वार्ड/क्षेत्र: आलमगंज, सिंधीपुरा, कालाबाग, आजाद नगर, लोहार मंडी, काली फाटक, और आजाद वार्ड।
गंभीरता: भर्ती हुए मरीजों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
आरएमओ का बयान (24 घंटे में): जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौड़ के अनुसार, 30 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें 20 से 25 बच्चे हैं।
💧 कारण और आरोप
मुख्य कारण (पार्षदों/मरीजों द्वारा): पार्षदों और मरीजों ने इस प्रकोप का कारण दूषित पानी बताया है।
पार्षद का आरोप: लोहार मंडी के पार्षद फहीम हाशमी ने नगर निगम और निजी कंपनी द्वारा जल वितरण में खामी का आरोप लगाया है।
अन्य संभावित कारण (आरएमओ): सीजन में बदलाव के कारण वायरल डायरिया, पानी की कमी, बैक्टीरियल डायरिया आदि भी कारण हो सकते हैं, जिसकी पुष्टि जांच के बाद होगी।
अन्य शिकायतें (मरीजों द्वारा): जगह-जगह गड्ढे खुदे होना, साफ-सफाई न होना, और कचरा पड़ा रहना।
🧑⚕️ स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्रवाई
सीएमएचओ का पत्र: सीएमएचओ डॉक्टर राजेंद्र कुमार वर्मा ने आयुक्त नगर पालिका निगम को दूषित पानी के सोर्स को बंद करने और अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है।
सर्वे और जागरूकता: आशा, एएनएम और एमपी डब्ल्यू द्वारा घर-घर सर्वे किया जा रहा है और लोगों को निम्नलिखित सलाह दी जा रही है:
पानी को उबालकर या क्लोरीन टैबलेट डालकर ही सेवन करें।
दस्त शुरू होने पर ओआरएस का घोल पिएं।
अपने आस-पास सफाई का ध्यान रखें।
रविवार को शिविर: सीएमएचओ ने बताया कि रविवार को वार्ड में शिविर लगाया जाएगा, जिसमें निशुल्क दवाइयाँ और परामर्श दिया जाएगा।
पानी के सैंपल: दूषित पानी की पुष्टि के लिए नगर निगम द्वारा अलग-अलग जगह से और मरीज के घर से पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिसकी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
निगम आयुक्त की कार्रवाई: नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने टीम भेजकर मरीजों के घर निरीक्षण शुरू कराया है और वाटर सैंपल लिए जा रहे हैं। डायरिया फैलने के स्रोत (फूड, पानी) की जांच की जाएगी।
📢 अन्य मांगें
पार्षद फहीम हाशमी ने जिला अस्पताल में उचित देखभाल न होने और डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।नगर निगम और निजी कंपनी द्वारा जल वितरण में खामी पर कार्रवाई हो।
जिला अस्पताल में उचित देखभाल न होने पर ध्यान दिया जाए।
टीम घर घर जाकर ले रही सैंपल- नगर निगम आयुक्त नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा आज (शनिवार) सुबह ही जिला अस्पताल के आएमओ डॉ. भूपेंद्र गौड़ के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि आजाद नगर, लोहार मंडी क्षेत्र से 40 से अधिक डायरिया से पीड़ित मरीज भर्ती हुए हैं। सुबह एक टीम गई थी। पेशेंट के घर जाकर टीम निरीक्षण कर रही है। वाटर सैंपल लिए जा रहे हैं। जहां जहां भी इसका सोर्स होगा उसका पता लगाया जाएग। फूड, पानी जिसके कारण भी डायरिया फैला होगा उसकी जांच की जाएगी
📝 स्थिति का सारांश
बुरहानपुर में डायरिया का प्रकोप स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं और जल वितरण प्रणाली की विफलता की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कुछ कदम उठाए हैं (जैसे सर्वे, एडवाइजरी, शिविर लगाना, और सैंपल लेना), लेकिन दूषित पानी की पुष्टि होना और स्रोत को बंद करना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। जिला अस्पताल पर मरीजों का दबाव बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं (जैसे एक्स्ट्रा बेड) की जा रही हैं।





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें