बुरहानपुर जिले में केला और हल्दी की फसलों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कलेक्टर श्री हर्ष सिंह की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। उपसंचालक उद्यान श्री एस.आर. चौहान ने जानकारी दी कि नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड (NHB), भोपाल से उपसंचालक श्रीमती यशोदा ने क्लस्टर विकास कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।
मंगलवार को कलेक्टर श्री हर्ष सिंह की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने उद्यानिकी विभाग को निर्देश दिये कि, जिन राज्यों में सीडीपी के तहत जिन्होंने अच्छे क्लस्टर डेवलप किये है उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर कार्यशाला का आयोजन किया जाये एवं अधिक से अधिक किसानों को जानकारी प्रदान की जायें।
उपसंचालक उद्यान श्री एस.आर.चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि, कार्यशाला में नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड भोपाल से उपसंचालक श्रीमती यशोदा ने क्लस्टर विकास कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। जिले में उत्पादित ऐसी फसल जिसकी फार्म ग्रेट वेल्यू 100 करोड़ से अधिक हैं,
जैसे बुरहानपुर में केला एवं हल्दी फसल बडे़ पैमाने पर होती हैं तथा केला एवं हल्दी फसल के उत्पादन, उत्पादकता, प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु जिलें के एफपीओ, एफपीसी सीडीपी, के तहत आवेदन प्रस्तुत कर केला एवं हल्दी उत्पादक कृषकों को लाभान्वित कर सकते हैं, ताकि उद्यान विभाग, नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड, एपिडा आदि शासकीय विभागों द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का किसानों को क्लस्टर के रूप में लाभ प्राप्त हो सकें।
🌾 बुरहानपुर के लिए क्लस्टर फसलें
जिले में क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत चुनी गई फसलों और संबंधित जानकारी:
पहचान का मानदंड: जिले में उत्पादित ऐसी फसलें जिनकी फार्म गेट वैल्यू (Farm Gate Value - FGV) ₹100 करोड़ से अधिक है।
फोकस फसलें: बुरहानपुर जिले के लिए केला और हल्दी की फसलों को बड़े पैमाने पर क्लस्टर विकास के लिए चुना गया है।
किसानों को लाभ: केला एवं हल्दी उत्पादक कृषक किसान उत्पादक संगठन (FPO/FPC) के माध्यम से CDP के तहत आवेदन प्रस्तुत कर लाभान्वित हो सकते हैं।
समन्वित लाभ: क्लस्टर के रूप में लाभ मिलने से किसानों को उद्यान विभाग, नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड (NHB), एपिडा (APEDA) आदि शासकीय विभागों द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।
🎯 क्लस्टर विकास कार्यक्रम (CDP) का उद्देश्य
क्लस्टर विकास कार्यक्रम एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में एक केंद्रित बागवानी फसल के उत्पादन और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।
इसके मुख्य उद्देश्य हैं:
समग्र विकास: बागवानी क्लस्टरों का समग्र विकास करना ताकि वे विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें।
एकीकृत विकास: फसल के प्री-प्रोडक्शन, उत्पादन, पोस्ट-हार्वेस्ट, लॉजिस्टिक्स, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का एकीकृत और बाजार-आधारित विकास करना।
आय में वृद्धि: किसानों की आय बढ़ाना और निर्यात में सुधार करना।
उपसंचालक उद्यान श्री एस.आर. चौहान ने जानकारी दी कि नेशनल हार्टिकल्चर बोर्ड (NHB), भोपाल से उपसंचालक श्रीमती यशोदा ने क्लस्टर विकास कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी।


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