बुरहानपुर के लालबाग रोड स्थित कुछ दिन पहले सील किए गए हकीमी अस्पताल में बुधवार सुबह एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में युवक को गोली लगने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ है,
बुरहानपुर के लालबाग रोड स्थित कुछ दिन पहले सील किए गए हकीमी अस्पताल में बुधवार सुबह एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में युवक को गोली लगने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन पुलिस ने घायल की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
घटनाक्रम का मुख्य विवरण
मृतक की पहचान: नागेश चौहान (30 वर्ष), जिनकी पत्नी की मृत्यु इसी अस्पताल में 11 नवंबर को ऑपरेशन के दौरान हुई थी।
आरोपी/पक्ष: डॉ. जैनुद्दीन बोहरा (पूर्व सिविल सर्जन)। शुरुआती खबरों के अनुसार, नागेश और डॉक्टर के बीच झड़प हुई, जिसमें गोली चलने से नागेश की मौत हो गई।
घायल: डॉ. जैनुद्दीन बोहरा धारदार हथियार के हमले से घायल बताए जा रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) के आरोपों से शुरू हुआ था:
11 नवंबर: नागेश की पत्नी वैष्णवी की मौत के बाद परिजनों ने डॉ. रेहाना बोहरा पर लापरवाही का आरोप लगाया।
प्रशासनिक कार्रवाई: लंबी भूख हड़ताल और सांसद के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर उसे सील कर दिया गया था।
ताजा स्थिति: घटना में एक और व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने घायल की पहचान छुपा रखी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वह बुरहानपुर जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. जैनुद्दीन बोहरा बताए जा रहे हैं। यह तथ्य इस पूरे मामले को और भी रहस्यमय बना रहा है। एसपी देवेन्द्र पाटीदार ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
परिजनों और पुलिस का पक्ष
परिजनों का आरोप: नागेश को साजिश के तहत अस्पताल बुलाया गया था, वह स्वयं वहां नहीं गया था।
पुलिस की कार्रवाई: डीएसपी प्रीतम सिंह ठाकुर के अनुसार, 'मर्ग' कायम कर लिया गया है और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अभी गोली चलने की आधिकारिक पुष्टि करने से बच रही है।
मृतक की पहचान नागेश चौहान (30) के रूप में हुई है। दरअसल, डेढ़ महीने पहले 11 नंवबर को इसी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान नागेश की पत्नी की मौत हो गई थी। जिसके बाद विरोध करने पर प्रशासन ने अस्पताल सील कर दिया था।
बुरहानपुर जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. जैनुद्दीन बोहरा बताए जा रहे हैं। उनके बेटे मुफद्दल बोहरा और बहू रेहाना बोहरा उस समय घर पर मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि घर पर केवल जैनुद्दीन बोहरा थे। मुफद्दल बोहरा की बहू रेहाना ने ही नागेश की पत्नी का ऑपरेशन किया था।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को नागेश चौहान और जैनुद्दीन बोहरा के घर गया था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर झड़प हुई। सामने आई जानकारी के अनुसार पहले नागेश ने हमला किया, जिसके बाद बोहरा द्वारा गोली चलाने की बात कही जा रही है। गोली लगने से नागेश की मौत हो गई, जबकि डॉ. जैनुद्दीन बोहरा धारदार हथियार से घायल हुए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
परिजनों का आरोप- खेत जा रहा था, अस्पताल बुलाया गया
मृतक के परिजनों ने पुलिस के सामने अलग ही कहानी रखी है। उनका आरोप है कि नागेश खेत की ओर जा रहा था और उसे हकीमी अस्पताल के पास बुलाया गया था। वहां पहुंचते ही घटना हुई। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल के सामने बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मृतक के परिजन और रिश्तेदार भी मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
हकीमी अस्पताल के बाहर तनावपूर्ण हालात बन गए। देखते ही देखते इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मृतक के परिजनों ने हॉस्पिटल के बाहर बैठक का अपना आक्रोश जता रहे है।
स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर शांत कराया।
डीएसपी बोले- मर्ग कायम, एफएसएल टीम बुलाई गई
उप पुलिस अधीक्षक प्रीतम सिंह ठाकुर ने बताया कि हकीमी अस्पताल में बुधवार सुबह एक अननेचुरल डेथ हुई है। इस मामले में थाना लालबाग में मर्ग कायम किया गया है।
उन्होंने कहा कि नागेश पिता गेंदालाल चौहान की मौत हुई है। यह जांच की जा रही है कि वह यहां किस तरह आया, कैसे पहुंचा और पूरा मामला क्या है। अस्पताल सील है, लेकिन उसके साथ ही अस्पताल संचालक का घर भी लगा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं और एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। घायल की पहचान फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
11 नवंबर को हुई थी पत्नी की मौत, उसी मामले से जुड़ने के संकेत
पूरा मामला 11 नवंबर को हुई एक पुरानी घटना से जुड़ा होने की आंशका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दरअसल, 11 नवंबर को हकीमी अस्पताल में जैनाबाद निवासी वैष्णवी नागेश चौहान की गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। उस समय मृतका की सास-ससुर और मायके पक्ष ने डॉ. रेहाना बोहरा पर लापरवाही का आरोप लगाया था। घटना के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अगले दिन महिला अधिकारी की मौजूदगी में डॉक्टर्स के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया था। इसके बावजूद करीब 20 दिन तक अस्पताल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजन और रिश्तेदार शनवारा चौराहे पर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।
सांसद के आश्वासन के बाद अस्पताल का लाइसेंस हुआ था
निरस्त भूख हड़ताल के पांचवें दिन खंडवा संसदीय क्षेत्र से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील आंदोलन स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया था। उसी दिन शाम को सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा ने हकीमी अस्पताल का पंजीयन और लाइसेंस निरस्त कर दिया था।
अब सील अस्पताल परिसर में युवक की संदिग्ध मौत के बाद पूरा मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पुलिस का कहना है कि एफएसएल जांच और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
वर्तमान स्थिति:
क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। यह मामला जांच का विषय है कि क्या यह आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था या पूर्व नियोजित हमला।
FSL टीम जांच में, इलाके को बनाया गया पुलिस छावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) टीम को मौके पर बुलाया गया है। खून के धब्बे, गोली या कारतूस, CCTV, कॉल डिटेल्स—हर एंगल से जांच की जा रही है। पूरा इलाका फिलहाल पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।





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