pub-4032623511138817 बुरहानपुर जिला क्षय एवं आईसीटीसी खकनार अस्पताल के द्वारा सयुक्त रूप से नेपानगर के केरपानी गोलखेडा में शिविर आयोजित किया गया सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बुरहानपुर जिला क्षय एवं आईसीटीसी खकनार अस्पताल के द्वारा सयुक्त रूप से नेपानगर के केरपानी गोलखेडा में शिविर आयोजित किया गया

बुरहानपुर जिले के खकनार और नेपानगर क्षेत्र (विशेषकर केरपानी और गोलखेड़ा जैसे अंदरूनी इलाके) में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन समुदाय के स्वास्थ्य स्तर को सुधारने में बहुत मददगार साबित होता है।

बुरहानपुर जिला क्षय एवं आईसीटीसी खकनार अस्पताल के द्वारा सयुक्त रूप से नेपानगर के केरपानी गोलखेडा में शिविर आयोजित किया गया

 बुरहानपुर जिला क्षय उन्मूलन केंद्र बुरहानपुर एवं आईसीटीसी केन्द्र खकनार अस्पताल के द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर गोलखेड़ा केरपानी में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निक्षय शिविर लगाया गया l जिला एड्स नियंत्रण समिति

 बुरहानपुर के आईसीटीसी केंद्र खकनार अस्पताल के परामर्शदाता हरलाल सिसोदिया ने एचआईवी की जांच करके उपस्थित लोगो को एचआईवी की जांच समय समय पर करवाने की सलाह दी है 

शिविर के प्रमुख बिंदु

​क्षय रोग (TB) की जांच: जिला क्षय केंद्र द्वारा बलगम के नमूने लेना और लोगों को टीबी के लक्षणों (जैसे 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी, वजन कम होना) के प्रति जागरूक करना।

​ICTC (HIV/AIDS) परामर्श: आईसीटीसी केंद्र के माध्यम से सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवहार और एचआईवी जांच की सुविधा उपलब्ध कराना।

​निःशुल्क उपचार व दवाएं: मौके पर ही प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाइयों का वितरण।

​ग्रामीण जागरूकता: 'केरपानी' और 'गोलखेड़ा' जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना जहाँ अक्सर लोग बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुँच पाते।

l क्षय उन्मूलन केंद्र बुरहानपुर द्वारा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाए जा रहे हैं जिसका मुख्य लक्ष्य एक्स रे और ख़खार की जांच द्वारा नए टीबी मरीजों की खोज करना है। शिविर में कुल 55 लोगों के एक्स रे, बलगम सैंपल, साय टीबी टेस्ट ओर एच आई वी जांच किए गए। टीबी या क्षय रोग की जांच ओर इलाज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क है। सीनियर टीबी ट्रीटमेंट सुपरवाइजर राजू राठौड़ ने बताया कि टीबी का इलाज संभव है यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना,भूख न लगना, बलगम में खून आना आदि लक्षण हैं तो बलगम की जांच कराए। टीबी रोग होने का खतरा 60 से अधिक उम्र, ततंबाकू, शराब सेवन, एच.आई.वी, मधुमेह, कमजोर ओर दुर्बल लोग, खराब जीवनशैली,टीबी मरीज के लगातार संपर्क में आए व्यक्तियों, परिवार के सदस्य आदि में ज्यादा रहता है।

 उक्त शिवर में सीनियर लैब सुपरवाइजर पदमाकर पाटिल द्वारा साई टीबी टेस्ट लगाया गया जिससे टीबी इन्फेक्शन का पता लगाया जाता है। आईसीटीसी खकनार अस्पताल के एचआईवी परामर्शदाता हरलाल सिसोदिया द्वारा एचआईवी जांच की गई। सीनियर टीबी ट्रीटमेंट सुपरवाइजर राजू राठौड़ और पीटर मेडा द्वारा एक्स रे किया गया। सी.एच.ओ नरगिस मंसूरी द्वारा बीपी शुगर की जांच और आवश्यक दवाई दी गई l जगदीश रावत द्वारा बलगम सैंपल लिए गए। आशा अनीता नंदी द्वारा ग्रामीण लोग को शिविर में लाया गया।

इस पहल का महत्व

​इस तरह के शिविरों से न केवल बीमारियों का जल्द पता (Early Detection) चलता है, बल्कि सरकारी योजनाओं जैसे 'निक्षय पोषण योजना' (टीबी मरीजों के लिए आर्थिक सहायता) की जानकारी भी लोगों तक सीधे पहुँचती है।

आप देख रहे है 👇





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नौकरी के नाम पर ₹1.40 करोड़ की ठगी: 9 महीने से फरार आरोपी धीरज चौधरी ने नेपानगर कोर्ट में किया सरेंडर, 3 दिन की पुलिस रिमांड पर

 नौकरी के नाम पर 1 करोड़ 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी धीरज चौधरी ने मंगलवार को नेपानगर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है,  ।। प्रदेश पत्रिका संवाददाता दीपक सोनवणे ।। नेपानगर। भारतीय डाक विभाग (पोस्ट ऑफिस) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर नेपानगर और आसपास के करीब 19 युवाओं से 1 करोड़ 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपियों में से एक धीरज चौधरी ने मंगलवार को नेपानगर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी पिछले नौ महीने से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार, नेपानगर के गेट नंबर 7 निवासी आरोपी धीरज (पिता अशोक चौधरी) मंगलवार दोपहर करीब 1:00 बजे अपने कानूनी सलाहकार (वकील) के साथ अचानक न्यायालय परिसर पहुंचा और आत्मसमर्पण की अर्जी लगाई। धीरज के सरेंडर करने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया गया था। नेपानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के 19 युवाओं ने शि...

नेपा लिमिटेड में ज्ञानेश्वर खैरनार को संपदा अधिकारी नियुक्त किया गया.!

                प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) ज्ञानेश्वर खैरनार को लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम-1971 के अंतर्गत टाउनशिप प्रशासक नियुक्त किया गया हैं। वे उक्त अधिनियम की धारा 3 के तहत संपदा अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगें। ज्ञात हो कि, नेपा लिमिटेड में पिछले लगभग एक वर्ष से यह पद रिक्त था। इस नियुक्ति के साथ, ज्ञानेश्वर खैरनार लोक परिसर अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे और इसके अधीन अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेंगे। इस नियुक्ति पर सीएमडी राकेश कुमार चोखानी सहित पूरे नेपा लिमिटेड परिवार ने ज्ञानेश्वर खैरनार को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।      आप देख रहे हैं 👇

जिला बुरहानपुर के तहसील नेपानगर में बीड कॉलोनी भीलट बाबा मंदिर के पास गन्ने के रस वाली गाड़ी से बाइक सवार की जोरदार टक्कर

  नेपानगर में गन्ने के रस की गाड़ी और बाइक की टक्कर में घायल हुई दोनों बच्चियों (शिवानी और इंदु) को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बुरहानपुर [Burhanpur] रेफर कर दिया गया है। मध्यम प्रदेश जिला बुरहानपुर के तहसील में रविवार  दिनांक 07/06/2026 समय करीब 6:58 pm नेपानगर के बीड कॉलोनी भीलट बाबा मंदिर के पास गन्ने के रस वाली गाड़ी से बाइक सवार की जोरदार टक्कर होने के कारण घाघरा निवासी दिनेश कि दो बच्चिया है जिसमे बडी बेटी का नाम शिवानी 6 वर्ष दूसरी का नाम इंदु 4 साल जिसे सर पर बहुत गंभीर चोट लगी है बताया जा रहा है की  बाइक का नियंत्रित सड़क पर गड्ढे होने के कारण बाइक गन्नेे के गाड़ी से जा टकरा गए । घटना का मुख्य विवरण इस प्रकार है: ​ घटनास्थल: बीड कॉलोनी, भीलट बाबा मंदिर के पास, तहसील नेपानगर, जिला बुरहानपुर (मध्य प्रदेश)। ​ दुर्घटना का कारण: बाइक सवार और गन्ने के रस वाली गाड़ी के बाइक की जोरदार टक्कर। ​ पीड़ित: घाघरा निवासी दिनेश की दो बच्चियां (बड़ी बेटी शिवानी और छोटी बेटी इंदु)। इंदु के सिर पर गंभीर चोट आई है। गन्ने   गाड़ी चालक: सुरेश अशोक सावले (निवासी: ग्...