नेपानगर 8.85 करोड़ घोटाला: जमाकर्ताओं का गुस्सा फूटा, विधायक का भरोसा; वसूली कर लौटेगा पैसा,गुरुवार को नेपानगर पहुंची विधायक मंजू राजेंद्र दादू के सामने जमाकर्ताओं ने खुलकर अपनी पीड़ा रखी। विधायक ने भरोसा दिलाया कि बकायादारों से वसूली कर जमा राशि लौटाई जाएगी, भले ही इसमें 2 से 3 माह का समय लगे। विधायक ने स्पष्ट कहा कि जिन लोगों ने संस्था से लोन लिया है और भुगतान नहीं कर रहे, उनसे सख्ती से वसूली कराई जाएगी। उसी राशि से एफडी और बचत खातों का भुगतान किया जाएगा।
मध्य प्रदेश नेपानगर 8.85 करोड़ घोटाला: जमाकर्ताओं का गुस्सा फूटा, विधायक का भरोसा; वसूली कर लौटेगा पैसा
नेपानगर नागरिक साख सहकारी संस्था में 8.85 करोड़ घोटाले के बाद पहली ठोस पहल
बुरहानपुर नेपानगर नागरिक साख सहकारी संस्था मर्यादित में 8.85 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद वर्षों से अपने ही पैसे के लिए भटक रहे जमाकर्ताओं को आखिरकार उम्मीद की किरण दिखी है। गुरुवार को नेपानगर पहुंची विधायक मंजू राजेंद्र दादू के सामने जमाकर्ताओं ने खुलकर अपनी पीड़ा रखी। विधायक ने भरोसा दिलाया कि बकायादारों से वसूली कर जमा राशि लौटाई जाएगी, भले ही इसमें 2 से 3 माह का समय लगे।
ऊंचे ब्याज का लालच, डूब गई जीवनभर की कमाई
घोटाले के बाद संस्था की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई। जमाकर्ताओं ने बताया कि अधिक ब्याज का प्रलोभन देकर उनकी जीवनभर की जमा पूंजी यहां लगवाई गई थी। अब न ब्याज मिला, न मूलधन। हालात यह हैं कि लोग बीमारी, पारिवारिक संकट और खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बैंक के चक्कर काट रहे हैं।
नेपा गेस्ट हाउस में बैठक, अफसरों को निर्देश
गुरुवार को नेपा लिमिटेड गेस्ट हाउस में विधायक दादू ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कई जमाकर्ताओं ने अपनी समस्याएं रखीं। विधायक ने स्पष्ट कहा कि जिन लोगों ने संस्था से लोन लिया है और भुगतान नहीं कर रहे, उनसे सख्ती से वसूली कराई जाएगी। उसी राशि से एफडी और बचत खातों का भुगतान किया जाएगा।
पहले बिजली बिल, फिर खुला 8.85 करोड़ का घोटाला
इस संस्था में पहले बिजली बिल घोटाला सामने आया था। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मामला कहीं ज्यादा गंभीर है। तत्कालीन कलेक्टर प्रवीण सिंह के निर्देश पर जांच में 8.85 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ। इसके बाद 16 संचालकों और प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज की गई। अब तक 14 संचालक गिरफ्तार हो चुके हैं, एक फरार है, जबकि प्रबंधक की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके, जमाकर्ताओं को अब तक उनका पैसा नहीं मिल पाया।
कटौत्रा ही आय का एकमात्र सहारा
फिलहाल संस्था को नेपा मिल से हर माह करीब 1.5 लाख रुपये का कटौत्रा चेक ही मिलता है। यह राशि उन कर्मचारियों के वेतन से कटती है, जिन्होंने संस्था से लोन लिया है। इसी सीमित आय के भरोसे संस्था किसी तरह चल रही है।
अब जगी उम्मीद की किरण
विधायक के आश्वासन के बाद जमाकर्ताओं में उम्मीद जगी है कि नीलामी, वसूली और कटौत्रा राशि के जरिए उनका पैसा वापस मिल सकेगा। हालांकि वे चाहते हैं कि भुगतान की स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए।
कटौत्रा राशि से धीरे-धीरे भुगतान
“नेपा मिल से मिलने वाली कटौत्रा राशि से जमाकर्ताओं को उनका पैसा धीरे-धीरे लौटाया जा रहा है। नवंबर से अब तक मेरे कार्यकाल में 7 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। विधायक के साथ बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई है।”



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