Skip to main content

बुरहानपुर जिला न्यायालय का फैसला व्यापारिक लेनदेन में चेक बाउंस मामले में कपड़ा कारोबारी को 3 माह की जेल जुर्माना नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा चुकाना होगी यह विश्वसनीयता और कानूनी जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।

 बुरहानपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: चेक बाउंस मामले में कपड़ा कारोबारी को 3 माह की जेल जुर्माना नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा चुकाना होगी

 बुरहानपुर जिला न्यायालय ने चेक बाउंस के एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए एक कपड़ा व्यवसायी को सजा सुनाई है। 

प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भारत सिंह भंवर की अदालत ने ने न केवल अभियुक्त को जेल भेजने के आदेश दिए, बल्कि मूल राशि पर ब्याज और अदालती खर्च सहित भारी प्रतिकर भी थमाया है। 

 अदालत ने अभियुक्त को परिवीक्षा का लाभ देने से इनकार कर दिया। खत्री फैब्रिक की ओर से वकील जितेन्द्र सुतारिया और जीएन फैब्रिक्स से वकील एन के पटेल ने अपना पक्ष रखा।

मामला क्या था ?

बुरहानपुर खत्री फेब्रिक्स फर्म की लता चांवडे के प्रोप्रायटर मुकेश चावंडे से राजस्थान के पाली की जीएन फेब्रिक्स ने व्यापारिक लेन-देन के तहत उधार कपड़ा खरीदा था। इस बकाया राशि के भुगतान के लिए अभियुक्त आरिफ हज्जानी ने अपनी फर्म की ओर से चेक जारी किया था। जब यह चेक बैंक में लगाया गया, तो खाते में अपर्याप्त राशि होने के कारण यह बाउंस हो गया।

कोर्ट की कार्यवाही और मुख्य बिंदु

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियुक्त ने चेक पर अपने हस्ताक्षर स्वीकार किए थे। चेक किसी कानूनी कर्ज या उधारी को चुकाने के लिए ही दिया गया था। चेक बाउंस होने के बाद परिवादी ने कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन अभियुक्त ने 15 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया। हालांकि फर्म के मुख्य प्रोप्रायटर की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन चेक पर हस्ताक्षर करने वाले आरिफ हज्जानी को कानूनन जिम्मेदार ठहराया गया। धारा 138 (NI Act) के तहत न्यायालय ने इन तथ्यों पर अपना फैसला दिया है।

पक्षकारों के वकील

​परिवादी (खत्री फैब्रिक): एडवोकेट जितेंद्र सुतारिया।

​अभियुक्त (जीएन फैब्रिक्स): एडवोकेट एन. के. पटेल।

​यह फैसला व्यापारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि चेक बाउंस होने की स्थिति में केवल 'हस्ताक्षर' करना ही सजा के लिए पर्याप्त आधार बन सकता है, भले ही फर्म का स्वामित्व किसी और के पास हो।

आप देख रहे है 👇



Comments

Popular posts from this blog

नेपा लिमिटेड में ज्ञानेश्वर खैरनार को संपदा अधिकारी नियुक्त किया गया.!

                प्रदेश पत्रिका:- केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) ज्ञानेश्वर खैरनार को लोक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम-1971 के अंतर्गत टाउनशिप प्रशासक नियुक्त किया गया हैं। वे उक्त अधिनियम की धारा 3 के तहत संपदा अधिकारी के दायित्व का निर्वहन करेंगें। ज्ञात हो कि, नेपा लिमिटेड में पिछले लगभग एक वर्ष से यह पद रिक्त था। इस नियुक्ति के साथ, ज्ञानेश्वर खैरनार लोक परिसर अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेंगे और इसके अधीन अधिरोपित कर्तव्यों का पालन करेंगे। इस नियुक्ति पर सीएमडी राकेश कुमार चोखानी सहित पूरे नेपा लिमिटेड परिवार ने ज्ञानेश्वर खैरनार को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।      आप देख रहे हैं 👇

नगर में नगर पालिका अध्यक्ष पति विनोद पाटिल और पार्षद पति कैलाश पटेल में मनमुटाव की चर्चा।

 वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका से स्वच्छता मिशन के अंतर्गत हुई खरीदी का पूरा विवरण। वार्डक्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल प्रदेश पत्रिका:- नेपानगर, दिनांक 18 मार्च 2025 - नगर पालिका परिषद नेपानगर के वार्ड क्रमांक 07 की पार्षद सपना कैलाश पटेल ने नगर पालिका प्रशासन से वर्ष 2023 और 2024 में स्वच्छता मिशन के तहत खरीदे गए सभी उपकरणों का लिखित ब्यौरा देने की मांग की है। नगर पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान  के तहत हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन नगर में सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि पिछले दो वर्षों में स्वच्छता मिशन के तहत कितनी राशि खर्च हुई, किन-किन उपकरणों की खरीदी हुई, उनकी गुणवत्ता क्या है, वे वर्तमान में कहां उपयोग हो रहे हैं, और उनके रखरखाव की क्या व्यवस्था है। पार्षद सपना कैलाश पटेल  ने प्रशासन को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर यह जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगर के नागरिकों को यह जानने का हक है कि स्वच्छता अभियान के लिए दिए गए सरकारी बजट का सही उपयोग हुआ ह...

8 फरवरी से राशन कार्ड धारकों को मिलेगा बड़ा फायदा! जानें नया नियम!

भारत सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए एक नई योजना की घोषणा की है, जो 8 फरवरी 2025 से लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत प्रदान करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस नई पहल के तहत, राशन कार्ड धारकों को न केवल मुफ्त राशन मिलेगा, बल्कि उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह योजना देश के करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इस लेख में, हम आपको इस योजना के सभी पहलुओं की जानकारी देंगे, जैसे कि इसके लाभ, पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज, और आवेदन प्रक्रिया। साथ ही, हम यह भी समझेंगे कि यह नया नियम किस तरह से राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएगा। राशन कार्ड योजना 2025 का मुख्य विवरण नीचे दिए गए टेबल में इस योजना का एक संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया गया है:  योजना के लाभ इस नई योजना के तहत लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी: मुफ्त राशन: पात्र परिवारों को हर महीने मुफ्त अनाज (चावल और गेहूं) मिलेगा। आर्थिक सहायता: प्रत्येक परिवार को हर महीने ₹1000 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएग...