बुरहानपुर जिले के नेपानगर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं पिछले कई महीनों से किस्तें न मिलने के कारण परेशान हैं।पात्र महिलाओं को 'लाड़ली बहना योजना' का लाभ न मिलना वाकई एक गंभीर समस्या है, इन महिलाओं ने अपनी शिकायत कलेक्टर, SDM और DPO (जिला कार्यक्रम अधिकारी) को भी दी है।
नेपानगर मे लाड़ली बहना योजना से पात्र महिलाओं का लाभ बंद होना गंभीर विषय — पूर्व में SDM व DPO को दिया गया था आवेदन
बुरहानपुर जिले के नेपानगर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं पिछले कई महीनों से किस्तें न मिलने के कारण परेशान हैं।पात्र महिलाओं को 'लाड़ली बहना योजना' का लाभ न मिलना वाकई एक गंभीर समस्या है, इन महिलाओं ने अपनी शिकायत कलेक्टर, SDM और DPO (जिला कार्यक्रम अधिकारी) को भी दी है।
अब जनसुनवाई में उठा मुद्दा
नेपानगर नगरीय क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं का लाभ अकारण बंद होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस विषय को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि राजेश पटेल लारा द्वारा पूर्व में ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नेपानगर एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग को लिखित रूप में आवेदन देकर अवगत कराया जा चुका था, किंतु अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
राजेश पटेल लारा ने बताया कि योजना के दो चरण में नेपानगर नगरीय क्षेत्र से 4698 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 4241 महिलाएँ पात्र पाई गईं। इसके बावजूद तकनीकी एवं प्रशासनिक त्रुटियों के कारण
29 महिलाओं के नाम समग्र से,
06 महिलाओं के नाम आधार से समग्र डिलीट,
तथा 05 महिलाओं को बिना आवेदन किए ही परित्याग दर्शा दिया गया, जिससे उनका लाभ बंद हो गया।
इस गंभीर जनसमस्या को लेकर आज जनसुनवाई में प्रभावित लाड़ली बहनें — कुसुम पटेल, रेखा मुराई, नीता मुराई, मनोरमा पाण्डेय, मीठा बाई मुर्मू, गीता बाई, हमीदा शेख, ऊषा पाटिल, नेहा मोरे सहित अनेक बहनें उपस्थित रहीं।
जनसुनवाई में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सृजन वर्मा एवं अपर कलेक्टर वीर सिंह चौहान की उपस्थिति में यह मामला प्रमुखता से रखा गया। अधिकारियों ने विषय की गंभीरता को समझते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी लाड़ली बहनों के लाभ बंद होने के कारणों की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर पार्षद श्रीमती सपना पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आत्मसम्मान और जीवन-यापन से जुड़ी योजना है, और जनता की समस्याओं को समझना एवं उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना ही जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि वे एवं अन्य पार्षद साथी पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा SDM कार्यालय में इस विषय को लिखित रूप में उठा चुके हैं।
राजेश पटेल लारा ने कहा कि आंदोलन उद्देश्य नहीं है, समाधान लक्ष्य है। यदि प्रशासनिक या तकनीकी त्रुटि के कारण पात्र महिलाओं का लाभ बंद हुआ है तो उसे शीघ्र सुधार कर बहनों को उनका अधिकार दिलाया जाना चाहिए।
प्रशासन द्वारा शीघ्र निराकरण के आश्वासन के बाद प्रभावित महिलाओं में समाधान की आशा जगी है


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