मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर में शिवाजी चौराहा के समीप कई दुकानें है जो रोज अपनी दुकानों का कचरा इस नाले में फेकते है नगर पालिका के अध्यक्ष से इस विषय पर कई बार उनसे शिकायत की एवं नगर पार्षद से भी इस विषय पर चर्चा की लेकिन इसका कोई निराकरण नहीं किया गया एवं छत्रपति शिवाजी पार्क की साफ सफाई पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे ज्यादा मच्छर हो रहे हैं और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
शिवाजी चौराहा के सामने पानी की टंकी एवं नाल का निर्माण का कार्य होना निश्चित था लेकिन स्वीकृति मिलने के बावजूद भी इस पर काम नहीं किया गया। इसे अतिक्रमण कर कई दुकानें लगाई गई एवं मार्केट में जितनी भी दुकान है उसका सारा कचरा जो नाला बनना था उसमें फेंका जाता है पर स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत इस पर नगर निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है जिससे जंगली घास एवं गंदगी के कारण आए दिन साप एवं अन्य जानवर निकलते हैं जिससे आसपास रहने वाले लोगों को कभी भी जान कि हानि हो सकती है नगर निगम में भी इसकी कई बार शिकायत की गई है लेकिन नगर निगम द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया ।
प्रशासन और नगर पालिका की इस उपेक्षा से नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। शिकायत में पार्क की खराब हालत, जंगली घास, स्वच्छता की कमी और साँपों के खतरे का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जा रहा हैं
शिवाजी पार्क नेपानगर के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। उम्मीद है कि आपके प्रयासों से प्रशासन जल्द ही सफाई और रखरखाव पर ध्यान देगा ताकि पार्क को सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सके।
यह शिवाजी पार्क सिर्फ पार्क ही नहीं बल्कि शिवाजी चौराहा के समीप शोभा का प्रतीक है और इसकी साफ सफाई समय-समय पर की जानी चाहिए क्योंकि यह शहर के मुख्य मार्ग से होता हुआ जाता है पार्कों का अच्छा रखरखाव न केवल नागरिकों के स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए जरूरी है, बल्कि यह शहर के सौंदर्य और सामुदायिक स्वास्थ्य को भी बढ़ाता है।
साथ ही शिवाजी चौराहे से टेकडि होते हुए नेपा मिल का मार्ग भी जर्जर अवस्था में है इसे भी नगर पालिका द्वारा बंद कर दिया गया है जिसका निर्माण कार्य होना अति आवश्यक है यह मार्ग वार्ड एवं मुख्य मार्ग से होता हुआ जाता है जिससे लोगों को आवागमन में राहत मिलेंगी ।
यह वाकई में एक गंभीर समस्या है। शिवाजी चौराहे से टेकडी होते हुए नेपा मिल तक का मार्ग न केवल वार्डवासियों के लिए, बल्कि मुख्य मार्ग से जुड़ा होने के कारण पूरे क्षेत्र के आवागमन के लिए एक लाइफलाइन की तरह है।
वर्तमान में इस मार्ग के बंद होने और इसकी जर्जर हालत के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों को जो मानसिक और शारीरिक परेशानी हो रही है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस समस्या के समाधान और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए कुछ प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए ।
वार्ड क्रमांक 10 के कई लोगों द्वारा भी कई बार शिकायत की गई उन्होंने नगर निगम एवं 181 पर भी शिकायत की थी लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला ।
यह एक सकारात्मक कदम होगा यदि नागरिक अपनी ओर से भी इस मामले को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। एक सामूहिक प्रयास से प्रशासन का ध्यान इस महत्वपूर्ण आवश्यकता की ओर जल्द आकर्षित हो ।




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