बुरहानपुर जिले के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। गर्मियों के दौरान जल स्तर को बनाए रखने और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री हर्ष सिंह ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन अधिनियम 2002 की धारा-3 के अंतर्गत बुरहानपुर जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया ,यह आदेश 16 मार्च 2026 से 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
कलेक्टर श्री सिंह ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत किया आदेश जारी
अशासकीय एवं निजी नलकूप खनन करने पर लगाया प्रतिबंध
आदेश की मुख्य बातें
प्रतिबंध की अवधि: यह आदेश 16 मार्च 2026 से 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
अधिनियम का संदर्भ: यह निर्णय मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (संशोधन 2002) की धारा-3 के तहत लिया गया है।
प्रमुख रोक: जिले की सीमा के भीतर किसी भी अशासकीय (निजी) नलकूप (Tubewell) के खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री हर्ष सिंह ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा संशोधन अधिनियम 2002 की धारा-3 के अंतर्गत बुरहानपुर जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। यह आदेश कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बुरहानपुर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर जारी किया गया है।
जारी आदेशानुसार जिले में भू-जलस्तर को दृष्टिगत रखते हुये संपूर्ण जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं जिले की सीमा क्षेत्र में नलकूप, बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के बिना न तो प्रवेश करेगी और न ही बिना अनुमति के कोई नया नलकूप खनन करेगी (सार्वजनिक सड़कों से गुजरने वाली मशीनों को छोड़कर)।
प्रत्येक राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को ऐसी बोरिंग मशीनें जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेश करेगी अथवा नलकूप खनन, बोरिंग का प्रयास कर रही मशीनों को जब्त कर एफ.आई.आर दर्ज कराने का अधिकार होगा।
समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को उनके क्षेत्रान्तर्गत इस निमित्त अपरिहार्य प्रकरणों के लिये व अन्य प्रयोजनों हेतु उचित जाँच के पश्चात् अनुज्ञा देने हेतु प्राधिकृत किया जाता है। इस अधिसूचना का उल्लंघन करने पर अधिनियम के तहत प्रथम अपराध के लिये पांच हजार रूपये के जुर्माने से और पश्चातवर्ती प्रत्येक अपराध के लिये दस हजार रूपये से या कारावास से, जो दो वर्ष तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा।
उपरोक्त आदेश शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किये जाने वाले नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य योजनांतर्गत नलकूप खनन का कार्य कराया जा सकेगा, इस हेतु उपरोक्तानुसार अनुज्ञा प्राप्त किया जाना आवश्यक नहीं होगा। नवीन खनित निजी नलकूप एवं अन्य विद्यमान निजी जल स्त्रोतों का, आवश्यकता होने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था हेतु अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत अधिग्रहण किया जा सकेगा।
कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने आदेशित किया है कि निजी ड्रिलिंग मशीनों के वाहनों का जिले के भीतर की सीमा में आवागमन बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश 16 मार्च, 2026 से लागू होकर 31 जुलाई, 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
इस अवधि में जिले में बिना सम्यक अनुमति के प्राईवेट ट्यूबवेल, हैण्डपंप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। तदानुसार मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा (3) (1) के अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में आयुक्त नगर पालिका निगम एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नये निजी नलकूप खनन की स्वीकृति कार्यपालन यंत्री, संबंधित सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अनुशंसा पर शहर एवं तहसील बुरहानपुर के लिये अनुविभागीय अधिकारी बुरहानपुर (राजस्व) तथा तहसील खकनार एवं नेपानगर के लिये अनुविभागीय अधिकारी नेपानगर (राजस्व) अधिकारियों द्वारा प्रदान की जावेगी। नदी-नालों के बहते पानी से संबंधित नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत के परामर्श पर सिंचाई हेतु अथवा औद्योगिक प्रयोजन हेतु जल लेने की स्वीकृति अनुविभागीय अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में प्रदाय की जावेगी।


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