विधानसभा परिसर, भोपाल में आयोजित दो दिवसीय "युवा विधायक सम्मेलन"मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के युवा जनप्रतिनिधियों का एक मंच पर आना लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
आज विधानसभा परिसर, भोपाल में आयोजित दो दिवसीय "युवा विधायक सम्मेलन" (मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान) में सम्मिलित होकर लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने एवं विकसित भारत 2047 में युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां के संबंध में अपने विचार सांझा किए ।
कार्यक्रम में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय डॉ मोहन यादव जी, म.प्र. विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष माननीय श्री वासुदेव देवनानी जी, संसदीय कार्य मंत्री माननीय श्री कैलाश विजयवर्गीय जी एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नेतृत्व का मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति इस बात का प्रतीक है कि भविष्य का नेतृत्व तैयार करने के लिए अनुभवी मार्गदर्शकों का साथ अनिवार्य है। सत्ता पक्ष और विपक्ष (नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार जी) का एक साथ लोकतांत्रिक मूल्यों पर चर्चा करना यह दर्शाता है कि राष्ट्र निर्माण के मुद्दों पर वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर कार्य करना ही सच्ची राजनीति है।
विकसित भारत 2047 केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं, बल्कि हर भारतीय का संकल्प है। युवा विधायक इस संकल्प के सारथी हैं, जो आने वाली पीढ़ी के लिए एक सशक्त, समृद्ध और समावेशी भारत की नींव रख रहे हैं।
"लोकतंत्र केवल वोट देने का अधिकार नहीं है, बल्कि यह विकास की प्रक्रिया में नागरिक की सक्रिय हिस्सेदारी है।"




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