बुरहानपुर जिले के नेपानगर में हुई जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) की यह बैठक क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक जागरूकता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण नजर आती है। नेहरू स्टेडियम में एकत्रित होकर बुनियादी मुद्दों पर चर्चा करना यह दर्शाता है कि संगठन धरातल पर बदलाव के लिए सक्रिय है
बुरहानपुर में जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) की ब्लॉक स्तरीय बैठक रविवार को नेपानगर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और भविष्य के आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की गई।
बैठक के मुख्य बिंदु
मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान:
बैठक में मुख्य रूप से बिजली, पानी, शिक्षा और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया। सदस्यों ने बताया कि शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ स्थानीय लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को सुधारने और आम जनता को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी: संगठन ने स्पष्ट रूप से यह बात उठाई कि सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर आम जनता तक नहीं पहुँच पा रही हैं। यह अक्सर प्रशासनिक ढिलाई या बिचौलियों की सक्रियता का संकेत होता है।
भविष्य की रणनीति: केवल चर्चा ही नहीं, बल्कि आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना यह संकेत देता है कि जयस आने वाले समय में प्रशासन पर दबाव बनाने की तैयारी में है।
यह भी निर्णय लिया गया कि यदि आने वाले समय में इन समस्याओं का समाधान स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों द्वारा नहीं किया जाता है, तो प्रभावित नागरिकों की आवाज को आगे बढ़ाने के लिए कलेक्टर कार्यालय परिसर में आंदोलन किया जाएगा।
जयस की भूमिका और प्रभाव
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) जैसे संगठन अक्सर उन दूरदराज के इलाकों की आवाज़ बनते हैं जहाँ मुख्यधारा की राजनीति समय पर नहीं पहुँच पाती। नेपानगर और बुरहानपुर जैसे क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों की समस्याओं को मंच देना सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है।
चर्चा के दौरान :
बाकड़ी क्षेत्र में शिक्षा से जुड़ी गंभीर समस्या प्रमुखता से सामने आई। यहां हाईस्कूल की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उच्च शिक्षा की सुविधा न होने से कई बच्चे आगे की पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा कुछ दिन पहले हाईस्कूल की मांग उठाई गई थी, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
नेपानगर ग्रामीण क्षेत्रों में कई समस्याएं हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं
ग्राम सागफाटा में मिडिल स्कूल भवन की छत जर्जर
चार वर्षों से स्कूल की छत जर्जर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सड़क की समस्या : सागफाटा में रेल्वे तेलीयाफूल से फॉरेस्ट नाका छनेरा तक 4 किमी रोड़ की आवश्यकता है।
बिजली की समस्या : ग्राम पंचायत सागफाटा में 8 किमी
बिजली तेलीयाफूल, चौकचोनडी, इमलीनाला में बहुत सारे लोग बिजली से वंचित हैं।
वन अधिकार पत्र : वन अधिकार पत्र मिलने के बावजूद भी
कई लोगों को इसका शासन द्वारा लाभ नहीं मिल रहा है। किसान सम्मान निधि जैसे बहुत सारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
ग्राम पंचायत मांडवा में बिजली नहीं, गुलरपानी मोहल्ले, बोमलियापाठ और रामा पटेल मोहल्ले में बिजली नहीं है।
पानी और बिजली की आवश्यकता : मांडवा रामा पटेल
मोहल्ले में पानी और बिजली की आवश्यकता है।
आंगनवाड़ी और स्कूल की आवश्यकता : मांडवा रामा पटेल
मोहल्ले में आंगनवाड़ी और स्कूल की आवश्यकता है।
ग्राम पंचायत बाकडी में हाई स्कूल खोली जाए। बाकडी में हाई स्कूल खोली जाने की आवश्यकता है।
महत्वपूर्ण अवलोकन: प्रशासन के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि यदि सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ और भ्रष्टाचार या लापरवाही जारी रही, तो जनता संगठित होकर विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपना सकती है।


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