बुरहानपुर जिले में किसानों के हित में चना उपार्जन (खरीदी) का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो चुका है। शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
यहाँ इस खरीदी प्रक्रिया की मुख्य झलकियाँ दी गई हैं:
उपार्जन केंद्र और समितियाँ
जिले में किसानों की सुविधा के लिए 3 मुख्य मंडी स्तरीय उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं:
रेणुका मंडी प्रांगण (डोम क्रमांक 1 और 2): यहाँ समिति एमागिर्द और शाहपुर द्वारा खरीदी की जा रही है।
तुकईथड़ मंडी: यहाँ समिति तुकईथड़ द्वारा उपार्जन कार्य संपन्न किया जा रहा है।
टोकन प्रणाली और शुरुआत
भीड़भाड़ से बचने और व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए टोकन सिस्टम प्रभावी है:
प्रथम दिवस: कुल 8 टोकन बुक किए गए।
सक्रिय सहभागिता: पहले दिन 3 किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पहुंचे, जहाँ जिला उपार्जन समिति द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
किसानों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' के संकल्प को पूरा करने हेतु केंद्रों पर निम्नलिखित सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:
छाया और पेयजल: गर्मी के मौसम को देखते हुए केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम।
पारदर्शी तुलाई: आधुनिक कांटों के माध्यम से सटीक माप।
सहायता केंद्र: किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए समिति सदस्यों की उपलब्धता।
महत्वपूर्ण सूचना: किसान भाई अपनी उपज केंद्र पर लाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि चना साफ और निर्धारित मापदंडों (FAQ) के अनुरूप हो, ताकि खरीदी में कोई विलंब न हो।
खरीदी शुभारंभ अवसर पर उपार्जन केंद्रों पर जिला उपार्जन समिति द्वारा किसानों का स्वागत किया गया तथा उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।



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