बैंक सुरक्षा को लेकर बुरहानपुर पुलिस अलर्ट,थाना प्रभारियों ने किया बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण, पुलिस ने सिंगरौली डकैती की घटना के बाद शनिवार को जिले की सभी शासकीय व अर्ध-शासकीय बैंकों में सुरक्षा का व्यापक निरीक्षण किया
बुरहानपुर पुलिस ने सिंगरौली डकैती की घटना के बाद शनिवार को जिले की सभी शासकीय व अर्ध-शासकीय बैंकों में सुरक्षा का व्यापक निरीक्षण किया. पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार के निर्देश पर अति. पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारियों ने सीसीटीवी, अलार्म, तथा सशस्त्र गार्डों की उपस्थिति व कार्यक्षमता जांची.
जिले में बैंक सुरक्षा को लेकर बुरहानपुर पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार के निर्देशन में शनिवार को जिले के सभी थाना प्रभारियों एवं पुलिस स्टाफ ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित शासकीय एवं अर्ध-शासकीय बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई अति. पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश एवं नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में की गई। निरीक्षण के दौरान पुलिस टीमों ने बैंकों में सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक मानकों की
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
सुरक्षा गार्ड: बैंकों में तैनात सशस्त्र और प्रशिक्षित गार्डों की उपलब्धता जांची गई।
सीसीटीवी सिस्टम: बैंक के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कवरेज एरिया और डीवीआर बैकअप को चेक किया गया.
अलार्म सिस्टम: आकस्मिक स्थिति के लिए अलार्म सिस्टम की क्रियाशीलता की जांच की गई।
दिशा-निर्देश: संबंधित बैंक अधिकारियों को सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर आवश्यक निर्देश दिए गए और सतर्क रहने को कहा गया.
सतर्कता: पुलिस ने बैंक के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं.
बारीकी से जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सबसे पहले बैंकों में तैनात सशस्त्र एवं प्रशिक्षित सुरक्षा गार्डों की उपलब्धता की स्थिति का आकलन किया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही बैंक परिसर के अंदर और बाहर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, उनकी कार्यशीलता और गुणवत्ता का भी परीक्षण किया गया। पुलिस ने कैमरों की रिकॉर्डिंग क्षमता, डीवीआर बैकअप और फुटेज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था का भी जायजा लिया, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी प्रभावी रूप से की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बैंकों के प्रवेश और निकास द्वारों पर मौजूद सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की।
इसमें दरवाजों की मजबूती, फ्रेम मेटल डिटेक्टर की कार्यशीलता तथा बैरिकेडिंग व्यवस्था को परखा गया। साथ ही, बैंक परिसर में स्थापित आपातकालीन अलार्म सिस्टम की सक्रियता और प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। चोरी और डकैती जैसी वारदातों की रोकथाम के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों और SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के पालन की भी समीक्षा की गई। गड़बड़ी का संदेह होने पर पुलिस को सूचना देने के लिए कहा बैंक के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, जैसे दरवाजे, फ्रेम मेटल डिटेक्टर और बैरिकेडिंग की जांच की गई। आपातकालीन अलार्म सिस्टम की कार्यशीलता और सक्रियता का भी परीक्षण किया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यह प्रभावी ढंग से काम कर सके।
इस दौरान पुलिस ने बैंक कर्मचारियों को विशेष रूप से जागरूक करते हुए निर्देश दिए कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क नजर रखें और तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। इसके अलावा, थाना स्तर पर बैंक प्रबंधकों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को रोका जा सके।
पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई से स्पष्ट है कि जिले में बैंक सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है और आम नागरिकों की धन-संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए।


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