आज बुरहानपुर जिले में अर्चना चिटनीस द्वारा चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया गया इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और मरीजों को मिल रहे उपचार का जायजा लिया। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बुरहानपुर जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों के उपचार का जायजा लिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और व्यवस्थाओं में सुधार हेतु अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु
- समय और स्थान: सोमवार सुबह 11 बजे, जिला अस्पताल बुरहानपुर।
- अधिकारियों की उपस्थिति: विधायक ने डिप्टी कलेक्टर व नोडल अधिकारी राजेश पाटीदार और सिविल सर्जन डॉ. दर्पण टोके से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर चर्चा की।
- मरीजों से संवाद: विधायक ने खुद वार्डों में जाकर मरीजों से उनके इलाज और सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया, जिस पर मरीजों ने संतोष जताया।
प्रमुख सुधार और भविष्य की योजनाएं
विधायक ने अस्पताल की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित कदमों की घोषणा की:
- संसाधनों में वृद्धि: अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं और जरूरी संसाधन जुटाने के लिए निरंतर प्रयास।
- प्रशासनिक समन्वय: व्यवस्थाओं में सुधार हेतु जिला कलेक्टर से विशेष चर्चा।
- समीक्षा बैठक: आज शाम को ही अस्पताल के डॉक्टरों, अधिकारियों और टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
दौरा किए गए विभाग
निरीक्षण के दौरान विधायक इन विशेष क्षेत्रों में पहुंचीं:
- SNCU कक्ष (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई)
- प्रसव कक्ष (लेबर रूम)
- जनरल वार्ड
उपस्थित स्टाफ: इस दौरान आरएमओ भूपेंद्र गौर, धीरज चौहान, डॉ. गौरव धावानी और अन्य चिकित्सा कर्मी उपस्थित रहे।
मरीजों को उपचार: वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे चर्चा कर मिल रहे इलाज और सुविधाओं की हकीकत जानी गई।
सुधार के निर्देश: स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष: यह दौरा स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और उनमें सुधार लाने की दिशा में एक सक्रिय कदम है।





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